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मृत्यु शैय्या पर लेटा व्यक्ति इस वजह से करता है शौच का त्याग, वजह जानकर नही होगा यकीन

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मृत्यु शैय्या पर लेटा व्यक्ति इस वजह से करता है शौच का त्याग :– वैसे हमारे देश में तरह-तरह के ग्रंथों का पाठ किया जाता है लेकिन हिंदू धर्म में गरुड़ पाठ का एक अपना अलग ही महत्व है। कहा जाता है कि गरुड़ पाठ में बताई गई हर एक चीज बिल्कुल सत्य है। क्योंकि इस पुराण में भगवान विष्णु की भक्ति और उनकी ज्ञान का सम्मिलित वर्णन मिलता है। किसी की मृत्यु के बाद भी उसकी आत्मा की सद्गति के के लिए गरुड़ पुराण के पाठ का आयोजन कराया जाता है लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं मालूम होगा कि आखिर गरुड़ पुराण में क्या होता है और इसका क्या महत्व है? और आखिरी इसे मृत्यु से जोड़ कर क्यों देखा जाता है।

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तो चलिए आज आपके सारे प्रश्नों का उत्तर इस लेख में मिल जाएगा। दरअसल मृत्यु के बाद आत्मा का क्या होता है? वह कहां जाती है? क्या करती है? पुनर्जन्म होता है या नहीं? इत्यादि रहस्य का खुलासा इसी में किया गया है और एक गुप्त बात यह भी है कि आखिर आत्मा शरीर से बाहर निकलती कैसे हैं तो इसका एक विस्तारपूर्वक वर्णन भी इसी गरुड़ पुराण में किया गया है जो यह बताती है कि आखिर मृत्यु के समय आत्मा शरीर का त्याग कैसे करती है।

ऐसा कहा जाता है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु नजदीक होती है तो वह व्यक्ति जड़ अवस्था में चला जाता है जिस वजह से उसकी इंद्रियां है यानी कि उसकी बोलने सुनने और कुछ महसूस करने की शक्ति खत्म हो जाती है। वह व्यक्ति मरने से पूर्व कुछ बोलना चाहता है एवं कुछ बताकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करना चाहता है लेकिन वह कर नहीं सकता। यहां तक की हाथ पैर हिलाना भी उसके लिए असंभव हो जाता है। आत्मा को ले जाने के लिए यमलोक से दो दूत आते हैं। उनका चेहरा बहुत ही भयंकर होता है जिसे देख कर ही मरने वाले की रूह कांपने लगती है।

उनकी आंखें बड़ी बड़ी होती हैं और नाखून किसी हथियार से कम नहीं होते। हाथ में दंड लिए हुए इन दूतों को देखकर मृत व्यक्ति इतना घबरा जाता है कि वह डर के मारे मल मूत्र का त्याग करने लगता है। उसी पल शरीर से अंगूष्ठ मात्र (अंगूठे के बराबर) जीव हा हा शब्द करता हुआ निकलता है, जिसे यमदूत अपने कब्जे में ले लेते हैं। हालांकि गरुड़ पुराण में इसी तरह कई अन्य बातों का भी जिक्र किया गया है जिसे पढ़ने के बाद दुनिया के तमाम रहस्य को समझा जा सकता है।

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