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कार्बाइड से पके आमों की इस तरह करें पहचान, नहीं तो पड़ सकते हैं बीमार

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आजकल ज्यादातर फल केमिकल से पके हुए आ रहे हैं। गर्मियों के मौसम में अगर आप फल खरीदते हैं तो आपको सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि केमिकल से पके हुए फल आपकी सेहत को बहुत खराब कर सकते हैं।
बाजार में जो आम बिक रहे हैं, वह कार्बाइड से पके हुए हैं, क्योंकि इतनी जल्दी पके हुए आम नहीं आते हैं। फलों और सब्जियों को पकाने के लिए और उनका वजन बढ़ाने के लिए केमिकल इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं।
केला, आम जैसे फल पकाने में कैल्शियम कार्बाइड इस्तेमाल होता है, जो फलों को तरोताजा बनाए रखता है और इस वजह से यह पल चमकदार भी दिखते हैं।
साथ ही इनको लंबे समय तक टिकाए रखने के लिए मोम और कृत्रिम रंग इस्तेमाल में लाए जाते हैं। बता दें कि कैल्शियम कार्बाइड में आर्सेनिक और फॉस्फोरस होता है, जिससे जब यह पानी में मिलता है तो एसीटिलीन गैस निकलती है।
कैल्शियम कार्बाइड कैंसरकारी है। अगर गलती से भी कैल्शियम कार्बाइड के तत्व अगर आपके शरीर में जाते हैं तो आपको सिर दर्द, चक्कर आना, दिमागी विकार, बहुत ज्यादा नींद आना, मानसिक परेशानी और मिर्गी जैसी कई भयानक बीमारियां हो सकती हैं।
ऐसे करें केमिकल युक्त फलों की पहचान केमिकल से पके हुए आम के ऊपर दाग-धब्बे और बहुत ज्यादा चमक होती है। ऐसे फल दो से 3 दिन के अंदर ही काले पड़ने लगते हैं। जो प्राकृतिक रूप से पके केले होते हैं, उनके डंठल काले पड़ जाते हैं। जबकि केले के छिलके पर भूरे-भूरे धब्बे आ जाते हैं। आप फलों और सब्जियों को खाने से पहले अच्छे से उन्हें धो लें, तभी सेवन करें।

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