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महापुराण गरुड़ पुराण के बारे में बात करें तो इसमें मनुष्‍य के हर कर्म का लेखा-जोखा दिया गया है, जो कि न केवल उसके पाप-पुण्‍य का निर्धारण करते हैं, बल्कि मरने के पश्चात मिलने वाली सजा और अगले जन्‍म की योनि तक के बारे में सारी बातें बताते हैं.

अगले जन्‍म में स्‍त्री बनेंगे या पुरुष

सामान्य तौर पर अगले जन्‍म के बारे में लोगों के मन में इस बात को जानने की काफी जिज्ञासा होती है कि वे किस योनि में जन्‍म लेने वाले हैं. मतलब कि अगल जन्म में वो मनुष्‍य बनेंगे या पशु, कीड़े-मकोड़े. अगर इंसान बनेंगे तो महिला के रूप में जन्‍म लेंगे या पुरुष के तौर पर. इस बारे में गरुड़ पुराण में जिक्र किया गया है.

– अगर पुरुष अधिकतर महिलाओं जैसा ही व्यवहार करें . वो आचरण जो कि महिलाओं को ऐसा करना चाहिए तो पुरुष की आत्‍मा अगले जन्‍म में महिला के तौर पर पैदा होती हैं.

– ऐसे ही मरते समय इंसान की आसक्ति किस चीज में है, ये बात उसके पाप-पुण्‍य, स्‍वर्ग-नर्क समेत अगले जन्‍म की योनि का भी निर्धारण करती है. अगर किसी पुरुष की मरते समय आसक्ति किसी महिला में होती है, तो वह अगले जन्‍म में महिला के तौर पर जन्म लेता है. इसीलिए धर्म-पुराणों में मरते समय भगवान का नाम लेने के बारे में बताया जाता है, जिससे इंसान जन्‍म-मरण के इस चक्र से ही बाहर निकल आए और भगवान के चरणों में स्‍थान प्राप्त करें.

– केवल यही नहीं अगर कोई इंसान चाहे वो महिला हो या पुरुष, वह पशुवत व्‍यवहार करे तो वह अगले जन्‍म में जानवर ही पैदा होता लेता है. पशुवत व्‍यवहार से आशय है उन चीजों का सेवन करना जो पशु खाते हैं या पशुओं की तरह आचार-व्‍यवहार करना.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. livejagran इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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