अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है ‘किशमिश ...दैनिक जीवन में इसे कुछ अधिक महत्व दिया जा रहा है. ख़ासकर कब्ज से पीड़ित व्यक्ति भीगी हुई किशमिश लेना अधिक पसंद करते है क्योंकि इसके नियमित सेवन से पेट साफ रखने में काफी मदद मिलती है. बेहद गुणकारी और महंगी है किशमिश इसलिए इसका सेवन नापतोल कर किया जाता है. हमारे यहाँ जब भी कोई मेहमान घर पधारता है तो उसकी मेहमान नमाज़ी करते समय यही विचार मन में होता है की ‘अतिथि देवोभव’ इसी खुशी में किशमिश डालकर हलवा बनाया जाता है इस कारण हलवा अधिक गुणकारी एंवम स्वादिष्ट बनता है.

सर्वमान्य है की यदि पाचन तंत्र खराब हो और खाना अच्छे से न पचा पाए तो पाचन नली में अनावश्यक पदार्थ जमा हो जाते हैं जिससे चर्बी बढ़ने लगती है और पेट अच्छे से साफ नहीं हो पाता है. कब्ज के कारण शरीर में गर्मी भी बढ़ जाती है जीभ पर छोटे छोटे दाने निकल आते हैं और फिर आप भी समझदार है ऐसे में एसिडिटी होना कोई विचित्र बात नहीं है. आजकल हर तीसरे घर में अवश्य ही कोई न कोई कब्ज से पीड़ित होगा. यह ऐसी समस्या है जिसके बारे में आप चाहे किसी को बताएं अथवा नहीं फिर भी सामने वाले को इसका अंदेशा हो जाता है आप यही सोच रहे होंगे ऐसा कैसे संभव है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें की ऐसा बिलकुल संभव है क्योंकि कब्ज का प्रभाव चेहरे पर अक्सर दिख जाता है. यदि चेहरा देखकर अंदेशा लगाने वाला व्यक्ति थोड़ा अनुभवी हो.

इसमें कोई दो राय नहीं है की कब्ज के कारण चेहरे का नेचुरल ग्लो कहीं खो जाता है और दिनभर आलस्य का घेरा आसपास बना रहता है. आलस्य भरा माहौल कोई नहीं चाहेगा इसलिए कब्ज के लक्षण नजर आएं तो नरम और सादा भोजन लें किंतु भीगी हुई किशमिश लेना भी न भूलें जो एक बेहतरीन मेवा है. कुछ लोगों का मानना है की सुबह सुबह भीगी हुई किशमिश का नियमित सेवन किया जाए तो न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है बल्कि जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है. इसके अलावा और भी कुछ समस्याएँ हैं जिनसे राहत मिलती है किंतु उसके बारे में खुलकर नहीं बता पाएंगे इसलिए शब्दों को यही विराम देते हैं.

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