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पाकिस्तानी जेल में करीब 15 साल तक यातनाएं देने के बाद पाक रेंजर ऑफिसर मो. फैजल ने अटारी-बाघा बॉर्डर पर मौजूद BSF अधिकारियों को सौंप दिया। शख्स का नाम रामचंद्र है जो कि बिहार के पटना स्थित भवानीपुर काशीचक का रहने वाला है। रामचंद्र ने 15 साल पहले गलती से पाकिस्तानी बॉर्डर को पार कर लिया था, जिसके बाद वहां मौजूद कुछ पाक आर्मी ने उसे पकड़ लिया था और 15 साल तक पाक जेल में रखा।

गलती से रामचंद्र घुसा पाक
अधिकारियों के मुताबिक, रामचंद्र जब वापस लौटा तो उसके चेहरे के शिकन से साफ पता चल रहा था कि उसे पाक जेल में खूब प्रताड़ित किया गया है। उसके मुंह से आवाज तक नहीं निकल रही थी जिससे पता चल रहा था कि उसे न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया। जानकारी के मुताबिक, रामचंद्र डेरा बाबा नानक सीमा पार करके गलती से पाकिस्तान पहुंच गया था।

15 साल पहले हो गया था लापता
वहीं, परिवारवालों के मुताबिक, रामचंद्र 15 साल पहले घर से लापता हो गया था। उस वक्त रामचंद्र 43 साल का था। फिलहाल, BSF ने सभी डॉक्यूमेंट चेक करके रामचंद्र को अटारी सड़क सीमा पर स्थित पंजाब पुलिस की चौकी काहनगढ़ पुलिस को सौंप दिया। पंजाब पुलिस के प्रोटोकाल अधिकारी अरुण पाल सिंह के मुताबिक, बुधवार को पाकिस्तानी रेंजर ने जानकारी दी थी कि वह एक भारतीय को रिहा कर रहे हैं।

लौटने के बाद हालत बद्तर
परिजनों को सूचना दे दी गई है, वह एक-दो दिन में रामचंद्र को लेने पहुंच जाएंगे। रामचंद्र की हालत बयां कर रही थी कि उन्हें काफी यातनाओं का सामना करना पड़ा होगा। रामचंद्र को बोलने में परेशानी हो रही थी। हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय को बिना किसी यातना के पाकिस्तान ने छोड़ा हो। कई भारतीय गलती से पाक बॉर्डर लांघ जाते हैं और जब सालों बाद वापस लौटते हैं तो वह उनकी हालत बद से बद्तर रहती है। हालत ऐसी कि उन्हें अपने घर का पता भी याद नहीं रहता है। सभी को अमृतसर के मेंटल अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, कई तो आजतक वहीं हैं।

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