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अफगानिस्तान (Afghanistan) के बिगड़ते हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय द्वारा 26 अगस्त को सुबह 11 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक में केंद्र सरकार तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद बदले हालात पर चर्चा करेगी। सभी दलों के साथ तालिबान को लेकर भारत सरकार के भविष्य के कदम को लेकर विचार-विमर्श होगा। संसद के दोनों सदनों के नेताओं को विदेश मंत्रालय द्वारा मामले में जानकारी दी जाएगी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बैठक को लेकर ट्वीट कर बताया है कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक पार्टियों के फ्लोर लीडर्स को अफगानिस्तान के ताज़ा हालात को लेकर सूचित करने का आदेश दिया है।’

तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है, जिसके बाद लगातार ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो देश छोड़ना चाहते हैं। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन सहित कई देश अपने नागरिकों को काबुल से विमान के जरिए निकाल रहे हैं। भारतीयों को निकालने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दो फ्लाइट्स रोजाना काबुल से भारत के लिए चलाने फैसला किया गया है। भारत सरकार की तरफ से आश्वासन भी दिया गया है कि अफगानिस्‍तान में फंसे हुए हिंदुओं और सिखों के अलावा जरूरतमंदों लोगों की भी मदद की जाएगी।

विदेश मंत्री के इस ट्वीट पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल ने पूछा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद क्यों नहीं इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलते हैं। सोमवार को अफगानिस्तान से निकाले गए 146 भारतीय नागरिक कतर की राजधानी दोहा से 4 अलग-अलग विमानों से भारत स्वदेश लौटे हैं। अमेरिका और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के विमानों के माध्यम से काबुल से दोहा लोगों ले जाया जा रहा था।

इस बीच सोमवार को तालिबान के प्रवक्ता सोहेल शाहीन ने कतर में कहा है कि अमेरिका अपने सैनिकों की वापसी में अगर देरी करता है तो उसे इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा। तालिबान की ओर से अमेरिका को देश छोड़ने की डेडलाइन 31 अगस्त दी गई है।

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