आपको बताते चले कि टेक्सास यूनिवर्सिटी की टीम National Institutes of Health और बेल्जियम की Ghent University बहुत दिनों से ऐसी एंटीबॉडी की तलाश में थीं जिन्होंने सालों पहले आए SARS या MERS जैसे वायरस का मुकाबला किया था। इसके लिए बेल्जियम के ग्रामीण इलाकों में पाए जाने वाले लामा और भेड़ पर शोध किया जा रहा था। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि लामा में विंटर नाम के खून से ऐसी एंटीबॉडी बनाई जा सकती है, जो मानव कोशिकाओं को कोरोना से बचा सकते हैं। बीमार पड़ने पर ये लामा दो अलग-अलग प्रकार के एंटीबाड़ी का उत्पादन करते हैं। इसमें से एक एंटीबाड़ी ऐसी होती है, जिससे इंसानों का इम्यून सिस्टम बनता है।

वैज्ञानिकों की एक टीम नई एंटीबॉडी बनाने में कामयाब हुई है, जो कोरोना वायरस के संक्रमण को बेअसर कर सकती है। एकेडमी जर्नल स्टडी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।  बताया जा रहा है कि वैज्ञानिकों की टीम अब किसी और जानवर पर भी यह परीक्षण करने पर विचार कर रही है। वहीं 2020 तक इसका मानव परीक्षण शुरू करने की उम्मीद जताई  जा रही है।

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