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मीटिंग में तीन अगस्त को पड़ने वाली श्रावणी पूर्णिमा के पर्व को लेकर विचार किया गया। असल में, इस पर्व के मौके पर बाहरी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। तय किया गया कि भीड़ यदि प्रवेश करेगी और यहीं रुक गई तो पांच अगस्त को अव्यवस्था हो सकती है। कोरोना वायरस संक्रमण के काल में भीड़ की जुटान ठीक नहीं होगी। लिहाजा, तीन अगस्त से उन्हें रोकने की प्रक्रिया लागू करने पर सहमति बनी है। तय किया गया कि इससे स्थानीय लोगों को कोई परेशानी न हो, नतीजतन उन्हें आई कार्ड दिखाने के बाद ही अयोध्या में प्रवेश दिया जाएगा।

यह व्यवस्था तीन अगस्त से लागू हो जाएगी। इससे पहले पूर्वाह्न रामजन्मभूमि पहुंचे एडीजी सुरक्षा व पीएसी बीके सिंह ने अधिकारियों व तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के साथ प्रधानमंत्री के कार्यक्रम एवं गर्भगृह स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर विचार विमर्श किया। इसके बाद रामजन्मभूमि की स्थाई सुरक्षा समिति की त्रैमासिक मीटिंग भी हुई। इस मीटिंग की अध्यक्षता भी एडीजी सुरक्षा ने ही परम्परागत रीति से करते हुए सुरक्षा के मानकों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

इस मौके पर उन्होंने यलो जोन की सुरक्षा व्यवस्था को फूलप्रूफ बनाने पर खासा ध्यान दिया। इसके साथ आवश्यक सुझावों को भी प्रस्ताव रूप में मिनट बुक में लिखा गया। बैठक में पूर्व के फैसलों के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली गई। इस मीटिंग में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार, आईजी जोन डा. संदीप गुप्त, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, डीआईजी व एसएसपी दीपक कुमार, एसपी सुरक्षा पंकज कुमार व अन्य अधिकारी शामिल रहे।

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