गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छा :
कैस्टर ऑयल गर्भाशय संकुचन पर दबाव डालकर लेबर के लिए प्रेरित करता है। इसमें रिसिनोलिक एसिड होता है, जो गर्भाशय में ईपी3 प्रोस्टेनोइड रिसेप्टर को सक्रिय करता है, जिससे प्रसव को आसान और सहज बनाने में मदद मिलती है।

अल्सर से छुटकारा दिलाने में सहायक :
कैस्टर ऑयल को बेकिंग सोडा के साथ मिलाकर लगाने से मिनटों अल्सर से राहत मिलती है। ये कॉर्न के प्रभावी इलाज में भी सहायक है। इसमें फैटी एसिड होता है, जिसे त्वचा आसानी से अवशोषित कर लेती है। ये ओवेरियन सिस्ट को भी खत्म करता है।

जोड़ों के दर्द को कम करता है :
इसका एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव पड़ता है, जिस वजह से ये गठिया के इलाज में सहायक है। इसके अलावा इस तेल की मालिश करने से जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों में सूजन और नसों के बेचैनी को कम करने में मदद मिलती है।

इम्युनिटी सिस्टम में सुधार करता है :
नेचुरोपैथी कराने वाले लोगों को कैस्टर ऑयल से इम्युनिटी सिस्टम मज़बूत करने में मदद मिलती है। ये व्हाइट ब्लड सेल्स को बढ़ाकर आपके शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने की शक्ति देता है

कब्ज़ से राहत दिलाता है :
ये तेल रिसिनोलिक एसिड जारी करने में मदद करता है, जो आंत में मौजूद है। एसिड जारी करने के बाद, यह एक लैक्सटिव के रूप में अच्छी तरह से काम करता है। ये तेल गर्म होता है, इसलिए ये मल त्याग के प्रक्रिया को आसान बनाने और आंतरिक प्रणाली को साफ रखने में सहायक होता है।

नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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