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गौरतलब है कि चीनी मोबाइल फोन निर्माता वीवो के हटने के बाद बीसीसीआई को नए टाइटल स्पॉन्सर की जरूरत थी। इस दौड़ में कई बड़ी कंपनियां शामिल थीं। ज्ञात हो कि वीवो ने वर्ष 2018 में 5 साल के लिए डील साइन की थी। इसके तहत हर वर्ष वह बोर्ड को 440 करोड़ रुपए का भुगतान कर रही थी। लेकिन इस वर्ष भारत—चीन के बीच आई तल्खी की वजह से चीनी मोबाइल निर्माता कंपनी ने स्पॉन्सर से हटने का फैसला किया।

बताते चलें कि स्पॉन्सर की दौड़ में बायजूज, रिलायंस जियो, टाटा संस और अनअकैडमी जैसी बड़ी कंपनियां शामिल थी। लेकिन ड्रीम 11 ने सभी को रेस में पीछे छोड़ते हुए टाइटल स्पॉन्सरशिप हासिल की। खबरों के मुताबिक इस रेस में सबसे आगे ड्रीम इलेवन रही जिसने लगभग 250 करोड़ रुपए की बोली लगाई।

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