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जल्द ही नवरात्र आरम्भ होने वाले है | नवरात्र का हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व है, माँ भगवती के पूजा पाठ के लिए नवरात्र का अपना अलग स्थान है | इसी वजह से देशभर में नवरात्र की अलग ही धूम देखने को मिलती है | बता दे वर्ष में चार नवरात्र आते है, 2 गुप्त नवरात्रे, तीसरा चैत्र नवरात्र और चौथा शारदीय नवरात्र | अब आने वाले नवरात्र शारदीय नवरात्र है |  ऐसा बताया जाता है कि नवरात्र में माता अपने भक्तो से जल्दी प्रसन्न होती है | वैसे माता को प्रसन्न करने के लिए 9 चीजों का बड़ा महत्व है, आज हम आपको उन्ही के बारे में बताने जा रहे है | तो आइये देखते है, आज आपके लिए क्या ख़ास है |
कलश स्थापना
 
 
माता की पूजा में सबसे जरुरी कलश स्थापना होती है | इस कलश में मिट्टी डाली जाती और जौ बोये जाते है | ऐसा करने से घर में कभी धन धान्य की कमी नहीं आती है और माता की कृपा सदा ही बनी रहती है |
सप्तधान्य
 
 
इसके साथ ही माता के कलश की स्थापना के लिए 7 प्रकार के अनाज की जरूरत पड़ती है, जिन्हे सप्तधान या सप्तधान्य भी कहा जाता है | इनमे जौ, तिल, मूंग, कंगनी, गेंहू और चना शामिल है | इसके साथ ही कलश स्थापना में पान के पत्ते की भी जरूरत पड़ती है, बता दे इसके बिना कलश स्थापना अधूरी मानी जाती है |
शहद का भोग
 
 
आप जानते होंगे नवरात्र कि षष्ठी तिथि को माँ कात्यायनी की आराधना की जाती है | इस दिन माँ कात्यायनी को शहद का भोग लगाया जाता है, क्योंकि माँ कात्ययायनी को शहद बहुत प्रिय है | माँ कात्यायनी को शहद का भोग लगाने से समाज में मान सम्मान बढ़ता है और सौंदर्य की भी प्राप्ति होती है |
माता का प्रिय रंग
 
 
घर में माता की मूर्ति की या तस्वीर की स्थापना के लिए आसन या चौकी बनाई जाती है | माता के आसन पर लाल रंग का कपडा अवश्य बिछाए | इसके साथ ही माता को लाल रंग के फूल चढ़ाये | बता दे लाल रंग माता को अत्यंत प्रिय है | माता को लाल फूल अर्पित करने से सुख शांति और धन धान्य में वृद्धि होती है |
अखंड दीपक
 
 
शास्त्रों में माता के लिए अखंड दीपक जलाने का विधान बताया गया है | इसके लिए माता के सामने 9 दिनों तक अखंड दीपक प्रज्वल्लित किया जाता है | ऐसा माना जाता है कि इससे माता अपने भक्तो की हर मनोकामना पूरी करती है और जीवन की समस्याओं से मुक्ति दिलाती है |

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