खबरों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कानपुर वानिकी प्रभाग ने लंगूर और तोता पालने को असंवैधानिक करार देते हुए, इस पर रोक लगा दी है। इसके साथ यह भी कहा गया है कि आदेश ना मानने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि लंगूर और तोता बंदी बनाने पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएंगी। इसके साथ ही दोषी व्यक्ति को 3 साल के लिए जेल या 25 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा, या फिर दोनों दोनो हो सकता है। यह आदेश अरविंद कुमार यादव प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग कानपुर ने जारी किया है।

आदेश में लिखा है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था किसी लंगूर या फिर तोता को बंदी हालत में रखा हुआ पाया गया तो वह व्यक्ति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 (संशोधित) के विरूद्ध अपराध का दोषी होगा और उसके ऊपर आरोप सिद्ध होने पर 3 साल तक के लिए जेल भेजा जाएगा या 25 हजार रुपये तक जुर्माना भी वसूला जा सकता है। विशेष परिस्थितियों में अपराधी को जेल और जुर्माना दोनों भुगतना पड़ सकता है।

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