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नीति शास्त्र की रचना आचार्य चाणक्य ने की है। उनके द्वारा की गई नीति रचना को अपने जीवन में डालकर हम जीवन की कई समस्याओं को दूर कर सकते हैं और आने वाले कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं। इससे हमें कई ज्ञान की बातें पता चलती है आप भी जानिए चाणक्य नीति की महत्वपूर्ण नीतियां…

मूर्खों के लिए रत्न के टुकड़े भी होते हैं पत्थर

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इस धरती पर अन्य जल और मीठे वचन यही जीवन की वास्तविक रत्न हैं। मगर जो लोग मूर्ख होते हैं वह पत्थर के टुकड़ों को रखना मान बैठते हैं। व्यक्ति के कर्मों का बहुत महत्व होता है कर्म चाहे जैसे भी हो वह व्यक्ति के पीछे सदैव चलते हैं।

चाणक्य के अनुसार उसे कोई कैसे बदल सकता है जो किसी के मूल में हैं जिस तरह बसंत ऋतु क्या करें कि अगर बसंत पर पत्ते नहीं आते। सूर्य का क्या दोष अगर उल्लू दिन में देख नहीं सकता। बादलों का क्या दोष अगर बारिश की बूंदे चातक पक्षी की चोंच में नहीं गिरती।

बुद्धिमान को दिया हुआ ज्ञान रफ्तार से फैलता है

चाणक्य के अनुसार यह बातें कहीं नहीं छूटती पानी पर तेल दुर्जन व्यक्ति को बताया हुआ रहस्य एक योग्य व्यक्ति को दिया हुआ दान और एक बुद्धिमान व्यक्ति को पढ़ाया हुआ पाठ अपने स्वभाव के कारण तेजी से फैलते हैं।

दोबारा नहीं मिलती काया

अगर दोस्त मित्र पत्नी और राज्य गवा दिया जाए तो यह दोबारा लौट कर आ जाते है लेकिन अगर आपको लोग खेल लेते हैं और यदि आप अपनी काया गवा देते हैं तो यह जीवन में कभी वापस नहीं आती। इस लिए हमें अपने जीवन के लिए कभी घमंड नहीं करना चाहिए। हमेशा सही राह पर चलना चाहिए। बड़ों लोगों का सम्मान बहुत जरूरी है।

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