इन 3 घातक स्नाइपर राइफल का इस्तेमाल करती है भारतीय सेना, जिनसे कांपते हैं दुश्मन, जानें इसके बारें में

भारतीय सेना दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सेना है। मजबूत होने के नाते यह दुश्मनो को निशाना बनाने के लिए दुनिया के कुछ सबसे घातक हथियारों का इस्तेमाल करती है। जिसके नाम सुन कर दुश्मनों की रूह कांप उठती है। तो आइये इन 3 सबसे घातक स्नाइपर राइफल के बारे में जो भारतीय सेना इस्तेमाल करती है।

1. माउजर एसपी 66 स्नाइपर राइफल

यह जर्मन निर्मित बोल्ट एक्शन स्नाइपर राइफल है। आम नागरिकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एसपी 66 का ही अपडेट वर्जन है। यह हंटिंग राइफल से मिलता जुलता है। 800 मीटर तक इसकी मारक क्षमता होती है। इसमे 7.62×51 mm नाटो कारतूस का इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल भारतीय सेना और स्पेशल आर्म्ड फोर्सेज करती है।

2. आईएमआई गैलिल स्नाइपर राइफल

गैलिल IMI यानी इजराइल मिलिट्री इंडस्ट्रीज द्वारा निर्मित गन है। इसमे 20 राउंड की मैग्जीन का इस्तेमाल किया जाता है। इस राइफल में 7.62×51 mm नाटो कारतूस का इस्तेमाल होता है। इस गन का इस्तेमाल 28 देशो की सेनाएं करती हैं। भारतीय आर्मी में इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। यह हथियार टैक्टिल सपोर्ट कैटेगरी का माना जाता है।

3. ड्रेग्रोव एसवीडी 59 स्नाइपर राइफल

इसका ईस्तेमाल खतरनाक दुश्मनो से निपटने के लिए किया जाता है। इस राइफल का इस्तेमाल पहली बार शीत युद्ध के दौरान किया गया था। यह सेवियत मूल की राइफल है। इस राइफल में 7.62×54 mm के कारतूस का इस्तेमाल किया जाता है। यह 800 से 900 मीटर के दायरे में आने वाले दुश्मनों को एक पल में निपटा सकती है। इसे भारतीय से का काफी घातक हथियार माना जाता है।

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