हर कोई जानता है कि ज्योतिष में कुल नौ ग्रह हैं सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु जो व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं। तो आज हम आपको हर ग्रह से जुड़ा एक मंत्र बताते है। जिससे आप से आप अपने ग्रह को मजबूत कर सकते है।

सूर्य मंत्र – ऊँ सूर्याय नम:।
सूर्य व्यक्ति के जीवन में सम्मान और ऊर्जा लेकर आता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य मजबूत होता है उसे जीवन में मान-सम्मान, नौकरी और समृद्धिशाली मिलती है।

चंद्र मंत्र – ऊँ सोमाय नम:।
कुंडली में चंद्र दोष होने से पारिवारिक समस्या शुरू होती है। कई बार कलह, मानसिक विकार, माता-पिता की बीमारी, दुर्बलता, धन की कमी जैसी समस्याएं इंसान के साथ देखने को मिलती है।

मंगल मंत्र – ऊँ भौमाय नम:।
मंगल इंसान के साहस और पराक्रम का प्रतिक है। अगर आपकी कुंडली में मंगल कमजोर है तो आप में साहस और ऊर्जा में निरंतर कमी रहती है।

बुध मंत्र – ऊँ बुधाय नम:।
बुध कुंडली में तरक्की और प्रसिद्धि का प्रतिक होता है। अगर आपके कुंडली में बुध मजबूत है तो आपको जीवन में तरक्की और प्रसिद्धि जरूर मिलेगी।

गुरु मंत्र – ऊँ बृहस्पतये नम:।
वैवाहिक जीवन में समस्या आम बात है लेकिन गुरु मंत्र से वैवाहिक जीवन की समस्या को खत्म किया जा सकता है। अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति के शुभ प्रभाव से धन लाभ, सुख-सुविधा, सौभाग्य, लंबी आयु आदि मिलता है।

शुक्र मंत्र – ऊँ शुक्राय नम:।
शुक्र जीवन में आराम का प्रतिक है अगर आपका शुक्र मजबूत है तो आपका जीवन ऐशो-आराम में बितेगा।

शनि मंत्र – ऊँ शनैश्चराय नम:।
शनि का मंत्र लोगों की परेशानी दूर करता है।

राहु मंत्र – ऊँ राहवे नम:।
तनाव के समय लोगों को राहु के मंत्र का जाप करना चाहिए। कुंडली में यदि राहु अशुभ स्थिति में है तो व्यक्ति को आसानी से सफलता नहीं मिलती।

केतु मंत्र – ऊँ केतवे नम:।
कलह से बचने के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

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