पटेल ने बताया कि गुजरात में वैट की दरें और ईंधनों की कीमतें, दोनों देश में सबसे कम हैं। उन्होंने गांधीनगर में कहा, ‘हमने माल एवं सेवा कर के संग्रह में गिरावट की वजह से महत्वपूर्ण राजस्व खो दिया है, क्योंकि लॉकडाउन की वजह से व्यवसाय बंद थे। हमने लॉकडाउन से प्रभावित लोगों के लिये राहत पैकेज जारी करने में व्यय भी किया है।’

उन्होंने बताया, ‘गुजरात में ईंधन की कीमतें देश में सबसे कम हैं, क्योंकि हमारा वैट भी सबसे कम है। कुछ विशेषज्ञों ने वैट को बढ़ाने और इसे अन्य राज्यों के बराबर लाने का सुझाव दिया गया है। इससे हमें कोरोना से लड़ने के साथ-साथ अतिरिक्त व्यय की भरपाई करने में सहायता मिलेगी।’ हालांकि उन्होंने बताया कि इस बारे में अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने पेट्रोलियम उत्पादों पर मूल्यवर्धित कर में बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि मई महीने में डीजल की बिक्री में 79 प्रतिशत की गिरावट आयी है। संगठन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में बताया कि यूपी और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों के साथ वैट के कारण से मूल्य असमानता का असर पेट्रोल पंपों की बिक्री पर हो रहा है। संगठन ने पत्र में बताया कि वैट की दरों में कमी से दिल्ली के आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि डीजल के दाम बढ़ने का प्रभाव सभी वस्तुओं पर पड़ता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here