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उन्‍होंने बताया कि यह निर्णय पीएम मोदी के आह्मन के बाद लिया गया है। इस फैसले से देश की डिफेंस इंडस्‍ट्री को बड़े पैमाने पर उत्‍पादन करने का मौका मिलेगा। गौरतलब है कि रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने जो लिस्‍ट तैयार की गई है वह सेना, जनता और प्राइवेट इंडस्‍ट्री से चर्चा करने के बाद तैयार की गई है। सिंह ने बताया कि इन 101 उपकरणों में सिर्फ सामान्य हथियार ही शामिल नहीं हैं बल्कि कुछ उच्च तकनीक वाले हथियार सिस्टम भी हैं जैसे असॉल्ट राइफलें, आर्टिलरी गन, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, एलसीएचएस, रडार और कई अन्य उपकरण हैं जो हमारी रक्षा सेवाओं की जरूरतों के लिए जरूरी हैं।

राजनाथ सिंह के अनुसार ऐसे उत्‍पादों की लगभग 260 योजनाओं के लिए तीनों सेनाओं ने अप्रैल, 2015 से अगस्‍त, 2020 के बीच करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए के कॉन्‍ट्रैक्‍ट्स दिए थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले 6 से 7 वर्षों में घरेलू इंडस्‍ट्री को करीब 4 लाख करोड़ रुपए के ठेके दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी स्‍टेकहोल्‍डर्स से चर्चा के बाद और उपकरणों के आयात पर रोक लगाई जाएगी। खैर जो फैसले लिए गए हैं, उन्हें 2020 से 2024 के बीच धीरे-धीरे करके लागू किया जाएगा। 101 उपकरणों की लिस्‍ट में आर्मर्ड फाइटिंग व्‍हीकल्‍स को भी शामिल किया गया हैं। रक्षा मंत्रालय ने 2020-21 के लिए पूंजी खरीद बजट को घरेलू और विदेशी रूट में विभाजित कर दिया है। मौजूदा वित्‍त वर्ष में ही तकरीबन 52,000 करोड़ रुपए का अलग बजट तैयार किया गया है।

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