मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के सरकारी कार्यालयों में महीने की पहली तारीख को राष्ट्रगीत गाने पर लगाएं गए पूर्ण पाबंदी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा नेताओं के सख्त विरोध के बाद कमलनाथ ने यूटर्न ले लिया और बड़ा फैसला किया है।

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अपने फैसले पर यूटर्न लेते हुए सरकार का कहना है कि अब केवल सरकारी कर्मचारी नहीं बल्कि आम जनता भी वंदे मातरम गाएगी। इसके लिए पुलिस बैंड का मार्च निकाला जाएगा। जिसमें आगे बैंड, पीछे कर्मचारी और सबसे पीछे आम जन शामिल होंगे। यह कार्यक्रम महीने के पहले कार्यदिवस पर आयोजित किया जाएगा।

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में साल 2005 में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने वंदे मातरम गाने की परंपरा शुरू की थी। सरकारी कर्मचारी महीने के पहले कार्यदिवस पर राष्ट्रीय गीत गाया करते थे। इस परंपरा को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद खत्म करने का आदेश दिया था। इसके बाद भाजपा नेताओं ने कमलनाथ सरकार की जमकर आलोचना करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी थी।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने एलान किया था कि भाजपा के सारे विधायक सचिवालय में वंदे मातरम गाएंगे। उन्होंने कहा था, ‘हमारे सभी 109 विधायक 7 जनवरी 2019 को मध्यप्रदेश सचिवालय में वंदे मातरम गाएंगे।’ लेकिन अब कमलनाथ सरकार के फैसले के बाद इस मुद्दे पर सियासत थम सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here