8
ज्योतिष शास्त्र में ऐसी कई बाते बताई गयी है, जिन्हे यदि जीवन में उतार लिया जाए तो कई प्रकार के दुखो से बचा जा सकता है | ज्योतिष शास्त्र में ऐसे कई राज और परेशानियों से मुक्ति के उपाय बताये गए है, जिनकी मदद से व्यक्ति एक सुखी जीवन जी सकता है | ज्योतिष शास्त्र में कर्ज से जुडी कुछ बातो के बारे में बताया गया है, जिनका ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है | अन्यथा व्यक्ति कर्ज में डूबता चला जाता है | तो आइये जानते है कर्ज लेते समय किन बातो का ध्यान रखना चाहिए और किस समय कर्ज नहीं लेना चाहिए |
इन दिनों में कभी ना ले कर्ज
 
 
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि कर्ज लेने से पहले दिन या वार पर भी विचार कर लेना चाहिए | इसके अनुसार मंगलवार, शनिवार और रविवार को कभी कर्ज नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इन दिनों में लिया गया कर्ज, कभी आसानी नहीं चुकता है | इतना ही नहीं कर्ज में मूल से ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है |
इन योगों का रखे ध्यान
 
 
ज्योतिष में पंचांग के बारे में बताया गया है | पंचांग के पांच अंग होते है और इन 5 अंगो में एक अंग “योग” है, और कुल योग 27 है | इन योगों में तीन योग वृद्धि योग, द्विपुष्कर योग और त्रिपुष्कर योग ऐसे है, जिन में कभी कर्ज नहीं लेना चाहिए | बताया जाता है कि वृद्धि योग में लिया गया कर्ज बढ़ता है, द्विपुष्कर योग में दुगुना हो जाता है और त्रिपुष्कर में तीन गुना हो जाता है |
इस नक्षत्र में ना ले कर्ज
 
 
कर्ज लेने में नक्षत्र भी बड़ी भूमिका निभाते है | ज्योतिष के अनुसार हस्त नक्षत्र में लिया गया कर्ज चुकाने में बड़ी मुश्किलें होती है | साथ ही मूल, आर्द्रा, ज्येष्ठा, विशाखा, कृतिका, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा पर उत्तराभाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्रों में लिया गया कर्ज भी परेशानी का सबब बन जाता है |
इस लग्न में ना दे उधार
 
 
चार लग्न में कर्ज देना सही साबित नहीं होता है | ज्योतिष के अनुसार चार लग्न में कर्ज देने से पैसा जल्दी नहीं मिल पाता है | हालाँकि इस लग्न में लिया गया कर्ज आसानी से चूक जाता है |
संक्राति का रखे ध्यान
 
 
ज्योतिष का कहना है कि कर्ज के मामले में संक्राति का भी ध्यान रखना चाहिए | अधिकमास के अलावा प्रत्येक माह में संक्रांति आती है, ऐसे में इस दिन कभी भी ना कर्ज ले और ना ही कर्ज दे | अन्यथा बाद में परेशानी का सामना करना पड़ता है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here