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वास्तु शास्त्र में किचन का काफी महत्त्व बताया गया है। किचन घर की सुख-समृद्धि को प्रभावित करता है। वास्तुशास्त्र में किचन से सम्बंधित कई नियम है, जिन्हे अनदेखा करना आपको नुकसान पहुंचता है। हर शख्स की कोशिश होती है कि उसके परिवार में तनाव न हैं। सुख-सुविधाओं में कोई कमी न हो और सभी लोग जीवन में उन्नति प्राप्त करें। वहीं कई बार ऐसा नहीं हो पाता है। परिवार के सदस्यों में छोटी से छोटी बातों में लड़ाई झगड़े होना। तनाव बना बना रहना। किसी भी काम में सफलता न मिलाना। इन सबके पीछे वास्तु दोष एक बड़ा कारण हो सकता है। अगर वास्तु शास्त्र में बताए गए इन उपायों को अपनाया जाए तो इन दोषों से मुक्ति पाई जा सकती है।

किचन में न रखें दवाई
अगर आप अपनी कोई भी दवा किचन में रखते हैं तो ऐसे गलती अब न करें। आपकी हेल्थ से किचन जुड़ा होता है। ऐसे में वहां कोई भी दवा कभी भी न रखें। ऐसे करने से नकारात्मक ऊर्जा का बढ़ती है, जिससे परिवार का कोई न कोई सदस्य अक्सर बीमार रहता है।

किचन में न लगाएं शीशा
वास्तु शास्त्र में किचन में शीशा लगाना अशुभ माना गया है। किचन में चूल्हा होने की वजह से अग्नि मुख्य केंद्र में होती है। इसका प्रतिबिंब आपकी हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है।

स्टोर रूम की तरह न करें इस्तेमाल
कुछ घरों में किचन का इस्तेमाल स्टोर रूम की तरह होता है। ऐसा करना वास्तु दोष की श्रेणी में आता है। कुछ भी उठाकर किचन में नहीं रखना चाहिए। इससे
मां अन्नपूर्णा नाराज हो सकती हैं।

न रखें फ्रिज में बासी खाना
कभी भी जरूरत से ज्यादा खाना न बनाएं और न ही बासी खाना फ्रिज में रखें। ऐसा करने से शनि-राहु दोष लगता है।

किचन में रखें नमक का डब्बा
किचन में नमक का डिब्बा जरूर रखें और उसे समय-समय पर बदलते हुए पानी में बहा दें। वास्तु के अनुसार नमक सकारात्मकता ऊर्जा को बढ़ता है।

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