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ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को क्रूर ग्रह की संज्ञा दी गयी है | ये दोनों ही ग्रह अपने अशुभ प्रभाव को लेकर जाने जाते है, परन्तु अच्छी स्थिति में ये शुभ फल भी देते है | आज हम केतु ग्रह के बारे में बात करने जा रहे है | केतु ग्रह को मानसिक गुणों, तर्क और कल्पना का कारक माना गया है | कुंडली में यदि केतु शुभ स्थिति में होता है, तो जातक को धनलाभ और करियर में उन्नति प्राप्त होती है | वहीँ यदि केतु अशुभ हो तो करियर बर्बाद हो जाता है | ऐसे में आज हम आपके लिए कुछ उपाय लेकर आये है, जो केतु के अशुभ प्रभाव को ख़त्म कर शुभ प्रभाव को प्रदान करते है | आइये जानते है ये उपाय…
गाय को रोटी
 
 
केतु ग्रह का कोई भौतिक स्वरूप नहीं है, इसीलिए इसे छाया ग्रह भी कहा जाता है | यदि आपकी कुंडली में केतु अशुभ स्थिति में है, तो आपको इसके अशुभ प्रभाव को खत्म करने की आवश्यकता है | इसके लिए आप दो रंग के कुत्तो और गाय को रोटी खिलाये | आप चाहे तो कुछ अन्य खाद्य वस्तु खिला सकते है | आप लाल गाय को हरा चारा अवश्य खिलाये |
कोयला
 
 
केतु की अशुभ स्थिति से छुटकारा पाने के लिए आप मंगलवार के दिन कोयले के 8 टुकड़े बहते जल में प्रवाहित करे | साथ लाल चींटियों को भोजन खिलाये | इस दिन आप शारीरिक रूप से अक्षम लोगो को एक से अधिक रंग के कपडे का दान भी करे |
भैरवनाथ जी की उपासना
 
 
केतु के अशुभ प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए आप भगवान भैरवनाथ जी की उपासना करे और उन्हें केले के पत्ते पर चावल का भोग लगाए | इसके बाद आप पीपल के पेड़ की परिक्रमा करे और नाग मूर्ति की पूजा करे | यदि सम्भव हो तो अपने साथ एक हरे रंग का रुमाल हमेशा रखे |
तिल के लड्डू
 
 
केतु ग्रह की शांति चाहते है, तो आप ये उपाय कर सकते है | आप इसके लिए सुहागिन महिलाओ को तिल के लड्डू खिलाये और तिल दान करे | साथ ही कन्याओ को रविवार के दिन मीठा दही और हलवा खिलाने से भी केतु शांत होता है | इसके अलावा मंदिर में रोजाना गाय के घी से दीपक जलाये |
गणेश द्वादश नाम स्त्रोत
 
 
केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए रोजाना पीपल के पेड़ के नीचे कुत्ते को मीठी रोटी खिलानी चाहिए | इसके अलावा रोजाना गणेश जी की पूजा करने से और गणेश द्वादश नाम स्त्रोत का पाठ करने से भी केतु के अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिलती है | इसके अलावा कपिला गाय, लोहा, तिल, तेल, नारियल और उड़द जैसी चीजों का दान करने से भी केतु शांत होता है |

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