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काले धागे को लेकर कई तरह की मान्यताये देखने को मिलती है | कई लोग बुरी नजर से बचने के लिए काले धागे का इस्तेमाल करते है, तो कई लोगो का कहना है कि इसे पैर में बांधने से पैर में दर्द नहीं होता है | कई लोग बाबा भैरव नाथ के मंदिर से काला धागा लेकर बांधते है | आज हम काले धागे से जुडी कुछ मान्यताओं और इसके ज्योतिषीय महत्व के बारे में बात करने जा रहे है |
हमारे ज्योतिष  शास्त्र में काले धागे को शनि देव का प्रतीक माना गया है | बताया जाता है कि काला धागा धारण करने से शनिदेव शुभ फल प्रदान करते है | इसके अलावा राहु केतु का संबंध भी काले धागे से मिलता है, काला धागा इन ग्रहो के अशुभ प्रभाव से रक्षा करता है |
शनिदेव की पूजा में अभिमंत्रित धागे को धारण करने से बुरी नजर से बचाव होता है | साथ ही इस धागे को धारण करने से पहले शनिमंत्र का 21 बार जाप करना चाहिए |
काले धागे को शुभ मुहूर्त में धारण किया जाना चाहिए | इसे ब्रह्म मुहूर्त या अभिजीत मुहूर्त में धारण करना चाहिए | पहनने से पहले धागे में 9 गांठे अवश्य लगाए |
कलाई में धागा 2, 4, 6 या फिर 8 बार लपेट कर बंधे | इस बात का भी ख़ास ख्याल रखे कि काला धागा बंधे हाथ में किसी और रंग का धागा ना बांधे |
काले धागे को शनिदेव का प्रतीक माना गया है, इसीलिए आप इसे शनिवार के दिन धारण करे | ये आपको शुभ फल प्रदान करेगा |
ऐसा माना जाता है कि काले धागे को नींबू के साथ घर के बाहर बांधने से घर में नकारात्मक शक्तियाँ प्रवेश नहीं कर पाती है | साथ ही घर में सुख शांति आती है |
आप काले धागे को धारण करने के बाद प्रतिदिन रूद्र गायत्री मंत्र ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्र: प्रचोदयात् || का जाप करे | इससे काले धागे की शक्तियाँ बढ़ जाती है |

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