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सोशल डिस्टेंशिंग के फार्मूले पर जोर दिया जा रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे में अगर कोई सरकारी कर्मचारी इस दौरान रिटायर होता है, तो उसके सामने तुरंत आर्थिक दिक्कत आ जाएगी। इस बात को लेकर अब किसी कर्मचारी को घबराने की जरूरत नहीं है।

सरकार ने अब उनकी समस्याओं का हल निकालते हुए निर्णय लिया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान रिटायर होने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों को नियमित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी होने और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने तक अस्थाई पेंशन राशि मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री जीतेन्द्र सिंह ने कहा कि कहा कि महामारी और “लॉकडाउन” को देखते हुए सरकारी कर्मचारियों को मुख्य कार्यालय में पेंशन फॉर्म जमा करने में कठिनाई हो सकती है या हो सकता वे “सर्विस बुक” के साथ क्लेम फॉर्म की हार्ड कॉपी संबंधित वेतन और लेखा (पे ऐंड अकाउंट्स) कार्यालय में जमा करा पाने की हालत में न हों। यह दिक्कत तब और भी ज्यादा बढ़ जाएगी जब दोनों कार्यालय अलग-अलग शहरों में स्थित हों, तो यह समस्या और बढ़ जाती है।

इसलिए संकट के समय उनकी मदद के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन के संबंध में मंत्री सिंह ने कहा, ‘यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के लिये उपयुक्त है जो निरंतर एक शहर से दूसरे शहर जाते हैं और जिनके मुख्य कार्यालय, वेतन और लेखा कार्यालय वाले स्थान से दूसरे शहरों में रहते हैं। सिंह ने कहा कि \कोविड-19 महामारी और ‘लॉकडाउन’ के कारण दफ्तर के काम में बाधा से इस दौरान रिटायर होने वाले कुछ कर्मचारियों को पीपीओ नहीं जारी किया जा सका।

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