आपको बता दें कि कोरोना के कहर से राहत दिलाने के लिए लगातार डॉक्टर सहित वैज्ञानिक कोरोना की दवा खोजने में लगे हुए हैं। अब ऐसे में कोरोना मरीजों के लिए यह दवा उम्मीद की किरण लेकर आई है। इटली से लेकर इस्राएल तक ने इस बात का दावा किया है कि उन्होंने दवा खोज ली है। मालूम हो कि बीते दिनों खुद इस्राएल ने कोरोना के दवा की खोजने का दावा किया था।। इस्राएल के रक्षा मंंत्री ने खुद इस बात की जानकारी दी थी। वहीं इटली ने भी इस बात का दावा करते हुए कहा था कि उन्होंने कोरोना की दवा खोज ली है। ऐसे में भारत में फेवीपिरवीर दवा के क्लिनिकल ट्रायल पर लोगों की नजर रहेगी।

बता दें कि यह एक एंटीवायरल दवा है, जिसका इस्तेमाल चीन और जापान में इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए किया जाता है। वहीं अन्य संक्रमण में इसका उपयोग किया जा सके, इस पर अभी शोध जारी है। यह दवा मुख्य रूप से जापान की टोयामा केमिकल (फ्यूजीफिल्‍म समूह) बनाती है।

जापान ने पहली बार 2014 में इसे दवा के रूप में इस्तेमाल करने को मंजूरी दी थी। 2016 में फ्यूजीफिल्‍म ने इसका लाइसेंस चीन की एक फार्मास्यूटिकल्स कंपनी को दिया और 2019 में यह एक जेनेरिक दवा बन गई। बता दें कि फरवरी 2020 से ही इस पर स्टडी की जा रही है। इस दवा प्रमाणिकता हासिल करने के लिए 80 लोगों पर इसका इस्तेलाम किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here