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शहर में आलमबाग, इंदिरानगर, आशियाना, गोमतीनगर और सरोजनीनगर सबसे ज्यादा संवेदनशील क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों से लगातार कोरोना के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इनमे से चार थाना क्षेत्रों में जुलाई माह में 9 दिनों का लॉक डाउन किया गया था लेकिन कोरोना काबू में नहीं आया। वहीं पिछले 7 दिनों में तालकटोरा और रायबरेली रोड में भी कोरोना ने रफ़्तार पकड़ ली हैं।

राजधानी में संक्रमण के बढ़ते हुए खतरे को देखते हालात बेकाबू न हो जाये इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि अब 21 दिन के पूर्ण सख्त लॉक डाउन की जरूरत है जिससे जानलेवा संक्रमण कोरोना के क्रम को तोडा जा सके।

सरोजनीनगर, गाजीपुर, इंदिरानगर और आशियाना थाना क्षेत्रों में 18 से 26 जुलाई तक लॉकडाउन लगाया गया था इसके अतिरिक्त साप्ताहिक बंदी भी थी। जिसके बाद भी कोरोना पर लगाम नहीं लग पाई। 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच आलमबाग से ही 148 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं जिसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों के परेशानियां बढ़ गई हैं वहीं दूसरे नंबर पर गोमतीनगर, तीसरे पर इंदिरानगर और चौथे पर रायबरेली रोड व पांचवें पर महानगर है। जहां कोरोना क्रम बढ़ता ही जा रहा है। संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम इन क्षेत्रों में कांटेक्ट ट्रेसिंग के साथ जांच करवा रही है।

सीएमओ डॉ. आरपी सिंह के अनुसार, कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए टीमें कंटेनमेंट जोन में जाकर लगातार जांच और स्क्रीनिंग कर रही हैं। सरोजनीनगर में 9 दिनों के लॉकडाउन के बाद वायरस की रफ्तार कुछ कम जरूर हुई है। इस क्षेत्र में अगस्त माह में अब तक 37संक्रमित मरीज मिले हैं। जिनमे से अधिकांश पूर्व संक्रमित मरीजों के क्लोज कांटेक्ट में थे। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी कहना है कि 2 दिनों की साप्ताहिक बंदी के दौरान सैनिटाइजेशन का काम अच्छे ढंग से होता है। लेकिन कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 21 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन जरूरी है।

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