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अब आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आज तो के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे, ना ही आपको किसी प्रकार का कोई टेस्ट देना होगा। सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों में बदलाव किया है। करोड़ों लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन आरटीओ में लंबी वेटिंग होने की वजह से लोगों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है लेकिन अब उन्हें इंसाफ झंझट से छुटकारा मिल गया है। बहुत ही कम समय में आपके पास होगा ड्राइविंग लाइसेंस।

बिना टेस्ट के बनवाए ड्राइविंग लाइसेंस

सड़क और परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी किए गए नियमों के अनुसार अब किसी व्यक्ति को बिना टेस्ट दिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकता है। आरटीओ में होने वाले ड्राइविंग टेस्ट से लोगों को मुक्त कर दिया गया है। उसे RTO में ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना होगा। उसका ड्राइविंग लाइसेंस प्राइवेट ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के सर्टिफिकेट पर ही बना दिया जाएगा।

1 जुलाई से लागू होंगे नियम

सरकार द्वारा जारी किए गए नियम 1 जुलाई से लागू हो जाएंगे, जो उन निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर को ही काम करने की इजाजत देंगे। जिन्हें राज ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की ओर से या फिर केंद्र सरकार की तरफ से मान्यता दी गई है। ट्रेनिंग सेंटर्स को यह मान्यता 5 साल के लिए दी जाती है।

यह है बदले हुए नियम

1. अधिकृत एजेंसी यह सुनिश्चित करेगी कि दो पहिया की पहिया और हल्के मोटर वाहनों के ट्रेनिंग सेंटर्स के पास कम से कम 1 एकड़ जमीन हो मध्यम और भारी यात्री माल वाहनों या टेलर के लिए सेंटर्स के लिए 2 एकड़ की जमीन होना जरूरी है।

2. ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाला शख्स 12वीं कक्षा पास हो और कम से कम 5 साल का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए। यातायात के सभी नियमों की जानकारी होनी चाहिए।

3. मंत्रालय ने एक शिक्षण पाठ्यक्रम भी निर्धारित किया है। हल्के मोटर वाहन चलाने के लिए पाठ्यक्रम की समय सीमा ज्यादा से ज्यादा 4 हफ्ते होगी, जो 29 घंटों तक चलेगी इन ड्राइविंग सेंटर्स के पाठ्यक्रम को दो भागों में डिवाइड किया जाएगा थ्योरी और प्रैक्टिकल।

4. लोगों को बुनियादी सड़कों गांव की सड़कों राजमार्गों शहर की सड़कों रिवर्सिंग और पार्किंग चढ़ाई और डाउन हिल ड्राइविंग वगेरह आदि पर गाड़ी चलाने के लिए सीखने में 21 घंटे का समय देना होगा। थ्योरी हिस्सा पूरे पाठ्यक्रम के 8 घंटे शामिल होगा। इसके अंतर्गत रोड शिष्टाचार को समझना रोडवेज ट्रैफिक शिक्षा दुर्घटनाओं के कारण को समझना प्राथमिक चिकित्सा और ड्राइविंग इंधन दक्षता को समझना यह सब शामिल होगा।

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