गुलाब का फूल को फूलों का राजा कहा जाता है। शायद ही कई ऐसा होगा जिसे गुलाब का फूल पसंद न हो। गुलाब की फूल की खशबू हमारे तन और मन पर गहरा प्रभाव छोड़ती है।  गुलाब के फूल केवल पूजा और सजावट के लिए नहीं होते है बल्कि ये हमारे शरीर के कई परेशानियाँ को दूर कर सकते है। गुलाब   आयुर्वेद चिकित्सा में बहुत  भी काम आते है। गुलाब का फूल एक जड़ीबूटी है जो अनेकों काम आती है।

गुलाब के फूल के औषधीय गुण —-

*  गुलाब का फूल जितना सुन्दर होता है उतने ही इसमें ओषधीय गुण पाए जाते है।

*  गुलाब के फूलों का स्वाद तीखा,कसैला ,मीठा और चिकना होता हैं। इसके इस्तेमाल करने से दिल ,दिमाग     ,और अमाश्य की शक्ति में वृद्धि होती है।

*  गर्मियों के मौसम में तन को ठंडा और मन को प्रसन्न रखता है। ये वात पित को नष्ट करता है।  गुलाब का     फूल हमारी एंड्रीनल ग्रंथि को प्रभवित करते है और ये हमारे शरीर को ऊर्जा से भर देते है।

*  गुलाब के फूल की तासीर ठंडी होती है। गुलाब के फूल में भरपूर विटामिन सी होता है।

*  गुलाब के फूलों का रस खून को साफ़ करता है।

*  गुलाब के फूलों के रस से बना शरबत दिमाग को ठंडा और शक्ति देता है।

*  गुलाब की फूल की सुगंध एरोमा थैरेपी  में इस्तेमाल की जाती है।

*  गुलाब के फूलों से बना उबटन से चेहरे पर निखार आता है।

*  गुलाब के फूलों से बना गुलाब जल आँखों को ठंडक देता है और आँखों को फ्रेश कर देता है।

*  गुलाब की फूलों को खाने के मुँह की दुर्गन्ध दूर होती है,मसूड़े मजबूत होते है। पायरिया के रोग में बहुत लाभ    देता है।

*  गुलाब के फूलों को पीस कर लगाने से सिरदर्द में लाभ होता है।

*  यदि बुखार कम नहीं हो रहा है तो गुलकंद का प्रयोग करने से बुखार कम हो जाता है।

*  गुलाब के फूलों से टीबी के रोग के उपचार में मदद मिलती है इसका सेवन करने से रोग जल्दी ठीक हो जाता    है।

*  गुलाब जल एक बहुत अच्छा टोनर है ये त्वचा की झुर्रियों को कम करता है साथ ही त्वचा को स्वस्थ और      चमकदार बनता है।

*  गर्मियाँ में यदि शरीर में जलन और अधिक प्यास लगती हो तो गुलाब का शरबत बहुत फायदा करता है।

*  गुलाबजल एक कीटाणुनाशक भी है। यदि आप तेज तेज धूप में निकलते है तो गुलाबजल का इस्तेमाल     अपने त्वचा पर करे इसे आपकी त्वचा पर धूप का असर नहीं होगा और आपका शरीर कीटाणुओं से बचा रहेगा।

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