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सूर्य 
सूर्य को मान, प्रतिष्ठा, नेतृत्व का कारक माना गया है | यदि आपकी कुंडली में सूर्य अशुभ दशा में है, तो इसे मजबूत करने के लिए आप बहते जल में गुड प्रवाहित करे |
चन्द्रमा 
चन्द्रमा मन का कारक है | इसके कमजोर होने से मानसिक परेशानियां बढ़ने लगती है | इसकी मजबूती के लिए आप एक पात्र में जल या दूध ले और रात को इसे सिरहाने रखकर सोये | इसके बाद सुबह इस जल को बबूल के पेड़ में डाल दे |
मंगल 
मंगल ग्रह का स्वभाव उग्र माना गया है | इसकी शांति के लिए आप मीठी चीजे दान करे | आप इसके लिए मीठे बताशे बहते जल में भी प्रवाहित कर सकते है | इसके लिए हनुमान जी की उपासना को बहुत कारगर माना गया है |
बुध 
बुध ग्रह वाकपटुता का कारक है | इसे मजबूत करने के लिए आप ताम्बे के सिक्के में छेद करे और बहते जल में प्रवाहित कर दे |
बृहस्पति 
बृहस्पति को सभी ग्रहो को गुरु कहा जाता है | इसकी मजबूती के लिए आप घर में सुगंधित पुष्प लगाए और नाभि पर केसर लगाए | साथ ही अपने से बड़ो और गुरुजनो का सम्मान करे |
शुक्र 
भौतिक सुखो का कारक शुक्र ग्रह को माना गया है | इसकी मजबूती के लिए आप कपड़ो पर इत्र लगाए | अब दो असली मोती ले  और एक को पानी में बहा दे, दूसरे को अपने पास रख ले | इसके साथ ही आप गौमाता को ज्वार का चारा खिलाये और इस दिन आप खट्टी चीजों का सेवन ना करे |
शनिदेव 
शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता कहा जाता है | इसकी मजबूती के लिए आप किसी पात्र में सरसो का तेल ले और एक सिक्का डाले | अब इसमें अपनी छाया देखे और इसे किसी जरूरतमंद को दान कर दे |
राहु और केतु
राहु और केतु जीवन में परेशानियों का कारण बनते है | हालाँकि इनकी शुभ दशा काफी लाभदायक होती है | राहु की मजबूती के लिए आप मूली के पत्ते हटाकर मूली का दान करे और केतु की मजबूती के लिए आप दोरंगी कुत्ते को रोटी खिलाये

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