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चीन में बुबोनिक प्लेग (bubonic plague) का संक्रमण सामने आया है। यहां तीन साल के बच्चे में बुबोनिक प्लेग का संक्रमण देखा गया है। कभी ‘ब्लैक डेथ’ के तौर पर तबाही मचा चुका बुबोनिक प्लेग चीन में फिर लौट आया है। वर्ष 2009 में ब्लैक डेथ के तौर पर तबाही मचा चुके बुबोनिक प्लेग से गई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। अब दक्षिण-पश्चिम चीन में स्थित मेंघई काउंटी में एक तीन वर्षीय में इसका संक्रमण देखा गया है। हालांकि बच्चे में इसके अलावा और कोई संक्रमण नहीं है। फिलहाल अभी उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

कोरोना वायरस के बाद अब यह संक्रमण सामने आने पर चीन इस महामारी को रोकने के लिए आगे कदम बढ़ा दिया है। बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार तीन वर्षीय बच्चे के बुबोनिक प्लेग से संक्रमित होने की जानकारी एक स्क्रीनिंग के बाद मालूम चला। मेंघई काउंटी के एक गांव में बिना किसी वजह के तीन चूहों के मौत के बाद यह स्क्रीनिंग की गई। वहीं इससे पहले अगस्त माह में उत्तरी चीन के आंतरिक मंगोलिया क्षेत्र के अधिकारियों ने बुबोनिक प्लेग से संक्रमित ग्रामीण की मौत के बाद पूरे गांव को सील कर दिया था। जबकि इनर मंगोलिया में नवंबर, 2019 में बुबोनिक प्लेग के चार मामले देखे गए थे।

गौरतलब है कि प्लेग एक संक्रामक की बीमारी है, जो बैक्टीरिया यर्सिनिया पेस्टिस से जनित होता है। यह एक जूनोटिक बैक्टीरिया है जो आमतौर पर छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सू में मिलता है। संक्रमित पिस्सू जब किसी व्यक्ति को काट लेता है तो उसे बुबोनिक प्लेग हो सकता है। इंसानों में कभी-कभी जब इसके वैक्टीरिया फेफड़ों तक पहुंच जाता है तो बुबोनिक प्लेग न्यूमोनिक प्लेग में परिवर्तित हो जाता है। शुरुआती दौर में यदि इसका पता लग जाए और आम एंटीबायोटिक्स मरीज को दे दी जाए तो यह प्लेग को ठीक करने के लिए कारगर हो सकता है। इसमें किसी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।देर से पता चलने पर बुबोनिक प्लेग काफी खतरनाक हो सकता है जो बाद में न्यूमोनिक का भी रूप ले सकता है।

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