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जिसे देखते चीनी का दोस्त पाकिस्तान लगातार चीजफॉयर तोड़ रहा है। इससे कहीं न कहीं चीन यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि अगर भारत ने चीन के साथ युद्ध किया तो भारत को एक साथ दो मोर्चों पर युद्ध करना पड़ेगा। इसे देखते हुए हुए ही आज वायु सेना प्रमुख ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि, वो दो मोर्चों पर एक साथ युद्ध के के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि, हमारे पड़ोस में और आस-पास के क्षेत्रों में बढ़ते हुए खतरे के परिदृश्य में युद्ध लड़ने की एक मजबूत क्षमता होने की आवश्यकता है। मैं आपको विश्वास के साथ कह सकता हूं कि ऑपरेशनली, हम सर्वश्रेष्ठ हैं।

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि, चिनूक, अपाचे और राफेल हमने परिचालन किया हुआ है। आने वाले तीन वर्षों में हम, राफेल और LCA मार्क 1 स्क्वाड्रन को पूरी ताकत के साथ शुरू कर देंगे। इसके आलावा अधिक मिग 29 का आर्डर भी दिया जायेगा। वायुसेना की शक्ति में राफेल के आने से बढ़ोत्तरी दर्ज हुई हैं। यह हमे आगे भी मजबूत रखेगा, जिसकी मदद से और भी ठोस कार्रवाई हम कर पाएंगे। तेजस, कॉम्बैट हेलिकॉप्टर, ट्रेनर एयरक्राफ्ट सहित दूसरे कई हथियार आने वाले पांच वर्ष में भारतीय वायु सेना की ताकत बनेंगे।

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि, हम DRDO और HAL के स्वदेशी उत्पादन के प्रयास के समर्थक हैं और जल्द ही HTT-40 और हल्के कॉम्बैट हेलीकाप्टर के लिए अनुबंध होंगे। उन्होंने कहा कि वायुसेना तेजी से बदल रही है और आने वाले सभी चुनौतियां जटिल है। इन चुनौतियों की वजह से वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अधिकृत किया है। इससे हमारे विरोधी भी चौंक गए हैं।

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