पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि, सैनिकों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। सोमवार की रात हुई खूनी झड़प के बाद दोनों ही देशों के बीच इस वक़्त युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। इसे लेकर सभी के मन में एक सवाल हैं कि, अगर भारत और चीन के बीच युद्ध हो जाता है तो किसका पलड़ा ज्यादा भारी रहेगा। अमेरिका के चर्चित न्यूज़ चैनल CNN का कहना है कि, चीन के साथ युद्ध में भारत का ही पलड़ा भारी रहेगा। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि, भारत काफी बदल गया है, वर्ष 1962 जैसा अब भारत नहीं है, उन्होंने अपनी ताकत को काफी ज्यादा बढ़ा लिया है।

दोनों ही देशों के पास न्यूक्लियर हथियार हैं, जहां चीन वर्ष 1964 न्यूक्लियर पॉवर देश बना था तो वहीं भारत वर्ष 1974 में परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बना था। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस (SIRPI) की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के पास इस वक़्त कुल 320 320 परमाणु हथियार हैं वहीं भारत के पास 150 परमाणु हथियारमौजूद हैं। बीते दस वर्षो में भारत ने 10 नए परमाणु हथियार बनाएं हैं। भारत के पास जमीन पर मार करने वाले 68 एयरक्राफ्ट हैं जबकि चीन के 270 फाइटर जेट हैं। वहीं रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, युद्ध के हालत में चीन भारत के चीन सीमा के पास मौजूद कई एयरबेस को निशाना बना सकता है। चीन के पास 157 फाइटर जेट मौजूद हैं लेकिन जमीन पर वार करने वाले एयरक्राफ्ट भारत की तुलना कम ही हैं।

भारत के मिराज 2000 और SU-30 जेट किसी भी हालात और मौसम में उड़ान भर सकते हैं वहीं चीन के जेट J-10 में यह खूबी नहीं है। चीन वर्ष 1979 में वियतनाम के खिलाफ लड़ा था जहां उसे हार का मुंह देखना पड़ा था लेकिन भारत की सेना बीते लम्बे वक़्त से जम्मू कश्मीर में आतंकियों और पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब देते रही है। तिब्बत और LAC क्षेत्रों में भारत के 2 लाख 25 हज़ार फौजी मौजूद हैं वहीं चीन के 2 लाख से 2 लाख 30 हज़ार तक सैनिक हैं। इन क्षेत्रों में भारत काफी तेजी से अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा सकता है लेकिन चीन की फ़ौज का युद्ध के हालात में यहाँ जल्द पहुंचना आसान नहीं होगा।

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