स्वास्थ्य के प्रति फिक्रमंद खान-पान को लेकर काफी सिलेक्टिव होते हैं. ऐसे लोग सबसे ज्यादा चाय और कॉफी पर ध्यान देते हैं. ब्लैक और ग्रीन टी हेल्दी मानी जाती हैं और कई फायदा भी पहुंचाती हैं. अब मार्केट में एक नई चाय की एंट्री हो गई है, नीली चाय की. इसे ब्लू टी कहा जाता है और यह बटरफ्लाई पिंक फ्लावर से बनती है. ग्रीन और ब्लैक टी के जैसे फायदे इस ब्लू टी के भी हैं.

कोई भी चाय या दूसरे पेय पदार्थ पीने से सबसे ज्यादा असर इम्यून सिस्टम पर पड़ता है. इम्यून सिस्टम सही है तो शरीर भी स्वस्थ होता है. ब्लू टी में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो इम्यून सिस्टम को दुरुस्त करते हैं. नीली चाय में मौजूद बायोकंपाउंड शरीर से टॉक्सिंस निकालने में काफी सहायक होते हैं.

ब्लू टी ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करती है. मधुमेह के मरीज अगर रोजाना इस टी का सेवन करें तो शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है. ज्यादा मीठा खाने वालों के लिए बेहतर होगी, जिन्हें शुगर होने की चिंता सताती रहती है.

त्वचा और बालों के लिए हेल्दी माने जाने पार्टिकल्स इस चाय में मौजूद होते हैं. अगर चमकती स्किन चाहिए या फिर घने-काले मुलायम बाल चाहिए तो ब्लू टी पी जा सकती है.

ब्लू टी में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट थकान कम करने में मदद करते हैं. यह चाय पीने से व्यक्ति दिनभर ऊर्जावान बना रहता है.

नीली चाय पीने से व्यक्ति तनावमुक्त रहता है साथ ही एंजायटी भी कम होती है. इसमें पाया जाने वाला अमीनो एसिड सेहते के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.

नीली चाय में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं. ये एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर के सेल्स को खराब होने से बचाते हैं. यही सेल्स खराब होने से व्यक्ति को तरह-तरह के कैंसर हो सकते हैं. इसलिए ऐसी स्थिति से निपटने के लिए ब्लू टी बढ़िया पेय पदार्थ हो सकती है.

ब्लू टी बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?

2 कप ठंडा पानी
2 टीस्पून शहद
4 टेबलस्पून ग्रीन टी
6 टेबलस्पून ब्लू टी
1 इंच दालचीनी का टुकड़ा
3 पतली अदरक स्लाइस
कांच का जार

विधिः

– कांच के जार में ग्रीन और ब्लू टी डालें.

– इसमें दालचीनी का टुकड़ा और अदरक डालें.

– ढककर जार को अच्छी तरह हिलाएं. 

– जार को फ्रिज में 4-5 घंटे के लिए रख दें.

– तय समय बाद छानकर 

कप में डालें. ऊपर शहद 

डालकर चाय पीएं.

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