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झाडू पोछा करने वाली एक महिला कैसे बनी फैशन डिज़ाइनर …आज हम आपके लिए लेकर आये है एक ऐसी कहानी जो किसी फिल्म स्टार या किसी क्रिकेटर की नहीं है | बल्कि ये कहानी एक ऐसी घरेलु महिला की है जो घरों में झाड़ू पोछा कर काफी आगे निकल गयी है | कैसे बनी घर का काम करने वाली महिला  फैशन डिज़ाइनर |

आज हम आपको बताने वाले है मिस कमला के बारे में | कमला के दो बच्चे है और जिसके दिन की शुरुआत घर के कामो से होती थी | वह अपने बच्चो का पेट लोगो के झाड़ू-पोछे और बर्तन साफ़ कर भरा करती थी | ये सुनकर की आज कमला एक फैशन डिज़ाइनर है | आपको कमला के बारे में जानने के लिए मजबूर कर देगी |
हमेशा की तरह कमला अपने दिन के कामो में लगी हुई थी | लेकिन एक दिन प्रसिद्ध फैशन डिज़ाइनर मंदीप नेगी ने उसे देखा | मंदीप को एक फैशन डिज़ाइनर की तलाश थी | उन्होंने काफी तस्वीरें देखीं | लेकिन कोई तस्वीर पसंद नहीं आई | मंदीप ने जब कमला को देखा तो उसमे काम करने का उत्साह और आत्मविश्वास देखकर दंग रह गयी | मंदीप ”शेप ऑफ इंडिया” ब्रैंड की फाउंडर है | मंदीप ने उन्हें फैशन डिज़ाइनर बनने की सलाह दी | शुरुआत में तो कमला को उसके कानो पर यकीन नहीं हुआ |
लेकिन बाद में जब वह तैयार हो गयी तो थोड़ी चिंतित थी | मंदीप ने उसे बैठाकर विस्तार से समझाया | फोटोशूट के पहले कमला को मंदीप के घर पर ही मेकअप कराया गया। इसके पश्चात उसका डिजाइनर कपड़ों में उसका फोटोशूट हुआ। मंदीप का “ब्रैंड शेप ऑफ इंडिया” भारत के विभिन्न प्रकार के कपड़ों को अलग-अलग तरीके से डिजाइन करने के लिए जाना जाती है | कोई भी पेशेवर मॉडल में वह जोश नहीं होता है जो एक सामान्य महिला में होता है | क्योंकि ये महिलाये कभी भी मॉडल नहीं बनना चाहती है | इसलिए इन पर किसी भी प्रकार का प्रेशर नहीं होता है | इसके साथ ही ये महिलाये आत्मविश्वास से भरपूर होती है | इनके चेहरे पर एक अलग ही चमक होती है |
 
मंदीप ने कहा की मैंने पहले भी कई सामान्य महिलाओ को मॉडल बनाया है | लेकिन जो ख़ुशी मॉडल बनने पर कमला ने महसूस की थी वह किसी और ने नहीं की | फैशन डिज़ाइनिंग की दुनिया में उसका एक नया और अच्छा अनुभव था।

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