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नई दिल्ली। उत्तर भारत में लगातार तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश और ठंडी हवाओं से गलन काफी बढ़ गई है। मानसून जैसी बरसात जनवरी माह में हो रही है। घने बादलों की वजह से धूप नहीं निकल रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ठंड से फिलहाल राहत मिलने वाली नहीं है।

आईएमडी के मुताबिक, कोहरे और ठंड की अब दोहरी मार पड़ेगी। जनवरी 2022 में जितनी बारिश हुई है, उतनी बारिश पिछले 122 साल में नहीं हुई थी। सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत कई राज्यों में फिलहाल जल्द ठंड राहत मिलने वाली नहीं है।

तोड़ा 122 साल का रिकॉर्ड
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश ने जनवरी माह में 122 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि, 1989, 1995 में ऐसी ही बारिश देखने को मिली थी लेकिन जनवरी 2022 में 88 मिलीमीटर बारिश अब तक चुकी है, जो 1901 के बाद मौसम में मौजूद डेटाबेस में सबसे अधिक है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 1989 जनवरी में 79 मिलीमीटर और 1995 में 69 मिलीमीटर बारिश हुई थी। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआरम हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ेगा। 24 और 25 जनवरी को तापमान में ज्यादा गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं 26 जनवरी को शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

बारिश ने बढ़ाई ठिठुरन
यूपी में दो दिन से बारिश रुक-रुकर जारी है। आईएमडी के अनुसार, दो दिन तक अभी मौसम खराब रहेगा। कई इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। वहीं 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे लखनऊ, लखीमपुर, बहराइच, मेरठ और मुजफ्फरनगर में अधिकतम तापमान जा सकता है। इसके आलावा बरेली और पीलीभीत में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। 30 जनवरी तक मौसम ठंडा बना रहेगा।

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