भारत को किया एलर्ट :- 8 जून से धार्मिक स्थलों व मॉल, रेस्त्रा आदि खोलने की तैयारी चल रही है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक प्रमुख विशेषज्ञ ने भारत को चेतावनी देते हुए सतर्क किया है कि लॉकडाउन को पूरी तरह से समाप्त करने पर कोरोना वायरस के मामले रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कोरोना संक्रमण को लेकर स्थिति अभी विस्फोटक नहीं है, लेकिन लॉकडाउन हटाने की तरफ बढ़ने के साथ इस तरह के जोखिम का खतरा बन रहा है। डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य आपात स्थिति कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक मिशेल रियान ने बताया कि भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या दोगुने होने में करीब तीन सप्ताह का वक्त लगा है।

उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न हिस्सों में महामारी का असर अलग-अलग है। दक्षिण एशिया में न केवल भारत में बल्कि घनी आबादी वाले दूसरे देशों जैसे बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी कोरोना वायरस का रूप विस्फोटक नहीं हुआ है। लेकिन ऐसा होगा नहीं यह नहीं कहा जा सकता। इसलिए स्थिति विस्फोटक होने का खतरा हमेशा बना हुआ है। रियान ने कहा कि जब कोई महामारी पनपती है और समुदायों के बीच पैठ बना लेती है तो वह किसी भी समय अपना प्रकोप दिखा सकती है जिसका उदाहरण हम सबके बीच है। उन्होंने कहा कि भारत ने शुरुआती दौर में देशव्यापी लॉकडाउन जैसे कड़े कदमों को उठाकर संक्रमण के फैलाव को काफी हद तक रोका है लेकिन देश में गतिविधियां फिर से शुरू होने पर स्थिति नियंत्रण से बाहर होने का खतरा बना हुआ है।

भारत दुनिया में छठा सबसे प्रभावित देश

फिलहाल तमाम सावधानियों के बीच भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब स्थिति यह है कि भारत इटली को पीछे छोड़कर दुनिया का छठां सबसे बुरी तरह प्रभावित देश बन गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शनिवार को देश में संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक मामले आए, संक्रमण की संख्या 9,887 रही और 294 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देश में अब तक संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 2,36,657 के पार चली गई है। साथ ही मरने वालों का भी आंकड़ा 6,642 पर पहुंच चुका है।

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