डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज अब संभव है। दरअसल हाल ही में छत्तीसगढ़ के वाड्रफनगर के रहने वाले एक छात्र ने ऐसी मिर्ची की खोज की है, जो मधुमेह और कैंसर दोनों के मरीजों के लिए लाभकारी है। रायपुर के शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय में एमएससी अंतिम वर्ष (बायोटेक्नोलॉजी) के छात्र रामलाल लहरे ने इस मिर्ची की खोजा है। लहरे सरगुजा के वाड्रफनगर में इस मिर्ची की खेती कर रहे हैं। इस मिर्ची की एक खासियत यह भी है कि यह ठंडे क्षेत्र में पैदा होती है और कई सालों तक इसकी पैदावार होती है।

छत्तीसगढ़ के जिला बलरामपुर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.आर. साहू ने छात्र लहरे को शोध में तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया है। इसके लिए शासकीय विज्ञान महाविद्यालय से प्रस्तावित कार्ययोजना बनाकर विभागाध्यक्ष से मंजूरी लेनी होगी। लहरे ने एक साक्षात्कार में कहा कि पहाड़ी इलाकों में पाई जाने वाली तीखी मिर्ची को सरगुजा क्षेत्र में जईया मिर्ची के नाम से जाना जाता है। रामलाल लहरे इन दिनों जईया मिर्ची पर शोध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस मिर्ची में प्रचुर मात्रा में कैप्सेसीन नामक एल्कॉइड यौगिक पाया जाता है जो शुगर लेवल को कम करने में सहायक हो सकता है। इस मिर्ची का गुण एन्टी बैक्टेरियल और कैंसर के प्रति लाभकारी होने की भी संभावना है। इसमें विटामिन एबीसी भी पाई जाती है। इसके सभी स्वास्थ्यवर्धक गुणों को लेकर रिसर्च किया जा रहा है।

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