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पाकिस्तान को लेकर तालिबान का प्रेम उबाल खाने लगा है। तालिबान की तरफ से कहा गया है कि पाकिस्तान उसका दूसरा घर है। हमारी सीमाएं मिलती हैं और हमारा मजहब भी एक है इसलिए उससे हम अच्छे संबंधों की उम्मीद करते हैं। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के इस बयान के बाद भारत की चिंता बढ़ने लगी हैं। बीते 20 साल से तालिबान को सुरक्षा पाकिस्तान ने ही दी थी। तालिबान के लड़ाकों को ट्रेनिंग भी पाकिस्तान में ही मिली है। जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि ‘पाकिस्तान से ‘अफगानिस्तान की सीमा लगती है और जब बात धर्म की आती है तो हम परंपरागत रूप से भी करीबी हैं। दोनों देशों के लोग आपस में काफी मिले-जुले हैं इसलिए पाकिस्तान के साथ हम अच्छे संबंधों की उम्मीद रख रहे हैं।’

भारत के साथ भी तालिबान के प्रवक्ता ने अच्छे संबंध रखने की भी उम्मीद जताई है। वहीं भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर तालिबान ने कहा है कि दोनों देशों को आपस में बैठकर सभी मुद्दों को हल करना चाहिए। मुजाहिद ने कहा है कि तालिबान सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया के सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है। पाकिस्तान के न्यूज़ चैनल ARY न्यूज से बात करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जा जमाने में कोई भूमिका नहीं है। अफगानिस्तान के मामलों में पाकिस्तान ने कभी भी दखल नहीं दिया है।

तालिबान के प्रवक्ता ने कहा है कि अफगानिस्तान में हम एक मजबूत शासन चाहते हैं। जो इस्लाम पर आधारित होगा, जिसका हिस्सा हर नागरिक होगा। इस बीच अल जजीरा की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ग्वांतनामो बे जेल में बंद मुल्ला अब्दुल कय्यूम जाकिर को तालिबान कार्यवाहक रक्षा मंत्री बनाने की तैयारी में है। अमेरिका को लेकर तालिबान के प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें अपने सैनिकों को वापस बुलाने की तारीख अब टालनी नहीं चाहिए।

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