भारत सरकार के अनुसार भारत में अभी तक कोरोना के सामुदायिक प्रसार की स्थिति नहीं आई है। लेकिन कुछ विशेषज्ञ इससे संतुष्ट नहीं हैं। कोरोना के संक्रमण के निम्नलिखित चरण है।

पहला चरण : यह किसी भी वायरस की प्रथम सीढ़ी है। इसमें कोई व्यक्ति तभी संक्रमित होगा जब वह वायरस के स्रोत पर पहुंचे, और उसके बाद उस वायरस का वाहक बन जाता है।

दूसरा चरण : इसे स्थानीय संक्रमण भी कहते हैं। इसमें वायरस के स्रोत से संक्रमित होने वाला व्यक्ति जब अपने परिवार या परिजनों के संपर्क में आता है तो वायरस का संक्रमण उन लोगों तक भी हो जाता है।

तीसरा चरण : इस अवस्था को सामुदायिक संक्रमण के नाम पुकारा जाता है। इसमें संक्रमण स्थानीय स्तर पर संक्रमित हुए किसी व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में या वस्तु से किसी व्यक्ति में श्रृंखलाबद्ध रूप में तेजी से फैलता है। इसमें संक्रमित होने वाले व्यक्ति को संक्रमण के स्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है। स्रोत के बारे में कोई जानकारी न होने पर इसे चिह्नित कर पाना असंभव हो जाता है।

दिल्ली सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार पर डाली जिम्मेदारी
राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते कोरोना के मामले को लेकर दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बीते मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में अब तक सामने आए कोरोना के 50 प्रतिशत मामलों के स्रोत का पता नहीं चल पाया है। सत्येंद्र जैन ने कहा कि यह घोषित करना केंद्र के ऊपर था कि कोई शहर सामुदायिक संक्रमण के चरण में प्रवेश कर चुका है। इसके साथ जैन ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के अनुसार दिल्ली में संक्रमण तीसरे स्तर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि केंद्र ने इसकी घोषणा नहीं की है।’

आपको बता दें कि देशभर में पिछले 24 घंटे में 9,987 नए मामले सामने आए हैं और 266 लोगों की मौत हुई है। भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2,66,598 हो गई है, जिनमें से 1,29,917 सक्रिय मामले हैं। देशभर में अब तक 1,29,215 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक 7,466 लोगों की मौत हो चुकी है।

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