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हमारे शरीर में होने वाली छोटी या बड़ी बीमारी के लिए काढ़ा बहुत ही फायदेमंद होता है। काढ़ा चाहे तेजपत्ते का बना हो या सौठ आदि का काफी गुणकारी होता है। बहुत से लोग घरेलू नुस्खे से अपने अलग-अलग सामग्रियों से काढ़ा बनाती है। भारतीय किचन में शॉर्ट और तेजपत्ता का होना अनिवार्य है।

खड़ें मसाले के तौर पर करते है प्रयोग

कोरोना काल में काढ़ें का चलन बहुत तेज हो गया है। ऐसे समय में सभी लोग अलग-अलग काढ़े का प्रयोग कर रहे हैं। आज हम आपको तेज पत्ते से बने काढ़े के बारे में बताएंगे। तेजपत्ता एक ऐसा मसाला है। जिसका इस्तेमाल सभी रसोई में होता है। ज्यादातर लोग इसका प्रयोग सब्जी छौकने के समय खड़े मसाले के तौर पर प्रयोग करते हैं। इसके प्रयोग से सब्जी में एक अलग स्वाद आ जाता है।

तेजपत्ता काफी गुणकारी होता है यह अपने भीतर कई औषधीय गुणों को छुपाए हुए होता है। बस जरूरत है इसे परखने और समझने की। तेजपत्ता और सभी गुणों में इतना तेज होता है कि इसके प्रयोग से हम कई गंभीर रोगों को भी दूर कर सकते हैं । लेकिन हमें यह जानना बहुत आवश्यक है कि इसका प्रयोग कैसे और कितना करना चाहिए।

आज हम आपको तेज पत्ते के इस्तेमाल के बारे में बताते हैं…
तेज पत्ते का काढ़ा बनाने के लिए हमें 10 ग्राम तेजपत्ता 10 ग्राम अजवायन 5 ग्राम शॉप को एक साथ पीसकर उसका चूर्ण तैयार कर ले इसके बाद तैयार चूर्ण को 1 लीटर पानी में डाल कर अच्छे से उबाल लें उसके बाद उबला हुआ मिश्रण को थोड़े समय के लिए रख कर ठंडा कर लें ठंडा होने के बाद आप इसे पीकर इसका मजा ले सकते हैं। बता दे कि तेज पत्ते का या काला सिर दर्द कमर दर्द से लेकर ठंड लगने और किसी अंग में मोच आने पर भी काफी फायदेमंद होता है। इतना ही नहीं तेज पत्ते का काढ़ा दिल और कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों में भी कारगर साबित होता है।

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