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दरअसल, राज्यपाल के अभिभाषण के बाद राबड़ी ने भाषण देना शुरू किया। इसमें उन्होंने जहां एक तरफ नीतीश सरकार की मौजूदा कार्यशैली की आलोचना की तो वहीं लालू यादव के 15 वर्षों के शासनकाल को बेहतर बताया। उन्होंने नीतीश सरकार में मौजूदा स्थिति को लेकर उनकी आलोचना की। उन्होंने  कहा कि आखिर आज रोजगार के क्या हालात हैं?  बेरोगारी अपने चरम पर है। आज लोग कहते हैं कि लालू यादव का शासनकाल जंगलराज है, लेकिन मैं पूछती हूं कि आखिर किस पर दाग नहीं लगा हुआ है। कौन दागी नहीं है। उन्होंने ये बातें चारा घोटाला के संदर्भ में कही थी।

बस.. फिर क्या.. उनके इतना कहने पर ही बिहार सरकार में मंत्री व भाजपा नेता मंगल पांडेय सकपका के खड़े हो गए और उन्होंने फिर तपाक से राबड़ी के उक्त बयान का विरोध किया। इस बीच विधानसभा में हंगामेदार स्थिति हो गई। इस शोरगुल के बीच किसी ने उन्हें ‘अनपढ़’  कह दिया। उधर, अनपढ़ कहने पर राबड़ी देवी भावुक हो गईं।

भावुक हुईं राबड़ी 
राबड़ी देवी ने खुद के अनपढ़ कहने पर कहा कि हमें आज लोग अनपढ़ कहते हैं। हमारे जमाने में स्कूल नहीं थे। मां-बाप पढ़े लिखे नहीं थे। हमारे मां-बाप ने हमें नहीं पढ़ाया, इसलिए हम नहीं पढ़ पाए तो इसमें हमारी क्या गलती है। लालू ने आवाज दी तो आज हम सब पढ़ रहे हैं। आज बिहार के लोग  परेशान है। 15 साल में सिर्फ और सिर्फ झूठा विकास हुआ है।

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