पिछले 22 मार्च से रेल मंत्रालय ने पेजेंजर ट्रेनों के परिचालन को बंद कर रखा है।हालांकि 14 अप्रैल से रेलवे ने आगे की किसी भी तारीख के लिए टिकटों की बुकिंग पर रोक लगा दी है। फिलहाल ट्रेनों को 3 मई यानी लॉकडाउन के अंतिम दिन तक रद्द रखा गया है। अब इसी कड़ी में बुधवार को होने वाली बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बता दें कि यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है

जब  हर रोज 1500 के करीब कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। मरीजों की संख्या 30 हजार के करीब तक पहुंच चुकी है। ऐसी स्थिति में बुधवार को होने वाली बैठक में सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई है।

बीते दिनों मजदूरों को उनके मूल प्रदेशों में भेजने के लिए स्पेशल ट्रेनों की मांग की गई है। इस बीच मजदूरों के लिए स्पेशल एसी कोच वाले ट्रेनों की मांग की गई है, ताकि कोरोना के खतरे को कम किया जा सके।  बताया जा रहा है कि ट्रेनों को रेड जोन में जाने की इजाजत नहीं मिलेगी। वहीं यात्रा के दौरान संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके, इसके लिए रेल मंत्रालय ने उचित स्क्रनिंग की व्यवस्था की गई है,

ताकि संक्रमण का खतरा कम रहे। मालूम हो कि अभी पूरे विश्व में कोरोना का कहर बरप रहा है। भारत में तो अब संक्रमितों का आंकड़ा 30 हजार के करीब पहुंच चुका है। ऐसी स्थिति मेें लगातार रेलवे के परिचालन को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं, मगर इसकी अंतिम स्थिति तो बुधवार को होने वाली बैठक के बाद ही साफ हो पाएगी।

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