देश आज वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से जूझ रहा है और इसके लिए 24 मार्च से लगातार पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया है ताकि जानलेवा वायरस से लोगों को मुक्ति मिल सके लेकिन लॉकडाउन से तेजी से कोरोनावायरस नहीं फैला और भारत में कोरोना मामलों में कमी देखने को मिल रही है लेकिन देश की एक शीर्ष संस्थान ने देश में तापमान बढ़ने से कोरोना संक्रमण फैलाने की रफ्तार में कमी आने की पुष्टि की है जो देश के लिए राहत भरी खबर है।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय पर्यावरणीय अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) के एक अध्ययन से यह खुलासा हुआ है कि दिन के औसत तापमान में बढ़ोतरी और कोरोना के संक्रमण में कमी के बीच 85 से 88 फीसदी तक गहरा संबंध देखने को मिला है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में हुए इस अध्ययन में पाया गया है कि तापामान जितना अधिक बढ़ता है, वायरस का प्रकोप उतना ही कम होता जाता है।

आपको बताते चलें कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में दिन के औसत तापमान और नमी का कोविड-19 के बढ़ते मामलों के संबंध को लेकर हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई कि महाराष्ट्र में तापमान बढ़ने के साथ कोरोना के प्रकोप घटने में 85 फीसदी संबंध है, वहीं, कर्नाटक में पाया गया है कि तापमान बढ़ने और कोरोना का प्रकोप कम होने के बीच 88 फीसदी ताल्लुक है। जो काफी राहत देने वाली है और आगे ऐसा रहता है तो कोरोना मामलों में बेहद कमी आ सकती है।

यहां आपको सबसे खास बात बताते चलें कि नीरी के अध्ययन के मुताबिक, जब महाराष्ट्र और कर्नाटक के तापमान और सापेक्षिक आद्रता के औसत आंकड़ों का मूल्यांकन किया गया तो यह पाया गया कि 25 डिग्री या उससे ऊपर के दैनिक औसत तापमान होने पर कोविड-19 के केसों में कमी दर्ज की गई।

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