चाहे सरकारी हो या निजी संस्थाओं में, इसमें अनेक प्रकार की समस्याएं तथा विƒन बाधाएं आती ही रहती हैं। बहुत दूर स्थानान्तरण हो जाना, हटाए जाने की चिंता, आरोप-प्रत्यारोप, अधिकारियों से अनबन आदि समस्याओं का सामना करना पड सकता है।

ऎसी बाधाएं

आने पर जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने के साथ निम्न उपाय भी किया जाएं तो समस्याओं से भी अतिशीघ्र मुक्ति प्राप्त हो सकती हैं।

शुक्रवार को

सरसों की घानी का निकला हुआ तेल 250 ग्राम लें। इस तेल को लोहे के किसी पात्र में या कडाई में रखें। यह पात्र या कडाई दान देनी है। इस पात्र या कडाई को काले कपडे से अच्छी तरह ढक कर रात्रि को सोते समय अपने पलंग या खाट के नीचे सिर की तरफ रख लें।


प्रात:काल

उठते ही शनिदेव को प्रणाम कर अपनी विपदा, नौकरी में चल रहे अवरोध या मुकदमे को समाप्त करने की प्रार्थना करें। पलंग से नीचे उतरते समय जमीन पर वह पैर पहले रखें जिस तरफ का श्वास चल रहा है। पात्र अथवा कडाई से कपडा हटाकर उसमें रखे तेल में अपना चेहरा देखें तथा कपडा पुन: ढक दें।


स्नानादि

के बाद किसी कन्या के हाथ से आटे में गुड मिलाकर पुओं का घोल बनावा लें। इस कडाई को आंच पर चढा कर इसी तेल में 21 पुए तलवा लें। इन पुओं को कपडें में रखकर शनिदेव को प्रणाम कर 108 मंत्र शनिदेव के जाप करें।

मंत्र…
ऊ प्रां प्रीं प्रौ स: शनये नम:

मंत्र जाप के पश्चात ये पुए एवं बचा हुआ तेल शनि मंदिर में कडाई सहित दान कर दें। पात्र अथवा कडाही एक बार ही दान करें। पुए लगातार 7 शनिवार तक उक्त प्रकार से मंत्र जाप करके शनि मंदिर में दान करें। इससे आपकी नौकरी में आने वाले समस्त विƒन, बाधाएं और मुकदमा आदि दूर होकर उन्नति एवं समृद्धि प्राप्त होगी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here