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चीन की तीसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय तेल कंपनी सीएनओओसी को पद छोड़ने से ठीक पहले झटका दे दिया हैं. बताया जा रहा है की, डोनाल्ड ट्रम्प ने जाते जाते चीन की इन कंपनियों को लेकर कथित सैन्य संबंधों के चलते प्रतिबंधित लगा दिया हैं.

हालाँकि उनके यह प्रतिबन्ध क्या जो बाइडेन (Joe Biden) जारी रखेंगे ऐसा लगता तो नहीं, फिर भी डोनाल्ड ट्रम्प की इस हरकत की वजह से चीन बुरी तरह चिढ़ चूका हैं. यही नहीं अमेरिका ने कुल 9 ऐसी चीनी कंपनियों पर प्रतिबन्ध लगाया हैं जिनका सीधा संबंध चीन की सरकार या फिर सेना से बताया जा रहा हैं.

यही कारण है की डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन की सरकारी विमान विनिर्माता कमर्शियल एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (Commercial Aircraft Corporation of China) पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया हैं. साथ ही चीन की सरकारी कंपनी स्काईरिजों (Skyrizon) को भी आर्थिक प्रतिबंधों के साथ जोड़ दिया गया हैं. जिसका मतलब है की अमेरिका में मजूद चीन की कंपनियों में निवेशकों को अनी इन कंपनियों से नवंबर 2021 तक हिस्सेदारी बेचनी होगी.

शाओमी के उच्च अधिकारीयों से जब इस बारे में मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होंने इसको लेकर किसी प्रकार की टिप्पणी करना जरूरी नहीं समझा. ऐसे में मीडिया रिपोर्ट की माने तो चीन की यह प्रतिबन्ध हुई कंपनियां इस बात को लेकर आश्वस्त हैं की जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनाने के बाद उनकी कंपनियों पर प्रतिबन्ध हटा दिया जाएगा

यह बड़ा फैसला इसलिए भी लिया गया हैं क्योंकि स्मार्टस फ़ोन (Smarts Phones) बेचने के मामले में गार्टनर के आंकड़ों के अनुसार शाओमी कॉरपोरेशन ने 2020 की तीसरी तिमाही में ऐपल (Apple) का रिकॉर्ड तोड़ डाला हैं. पिछले एक दशक में चीन ने अपने स्मार्ट फ़ोन्स के जरिये पूरी दुनिया के स्मार्ट फ़ोन एंड्राइड इंडस्ट्री (Smart Phones Android Industry) में अपना कब्ज़ा जमाया हुआ हैं और इस कब्ज़े के पीछे शाओमी ही सबसे बड़ी कंपनी उभर कर आयी हैं. सस्ते और अच्छे फ़ोन निकाल कर घर-घर तक अपनी पहुँच बनाने वाली शाओमी द्वारा ऐपल को पछाड़ना हैरान नहीं करता.

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