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पापा सैफ अली खान की 5000 करोड़ की प्रॉपर्टी का वारिस नहीं बन पायेंगे तैमूर और जहांगीर …दोस्तों, जैसा कि आप जानते हैं कि तैमूर और जहांगीर के पिता सैफ अली खान पटौदी के नवाब हैं और उनकी अच्छी खासी संपत्ति है। लेकिन सैफ चाहकर भी तैमूर और जहांगीर को अपनी संपत्ति का वारिस नहीं बना पाएंगे। क्योंकि सैफ की संपत्ति विवादों में घिरी है। दरअसल सैफ की पूरी चल अचल संपत्ति शत्रु संपत्ति विवाद अधिनियम के अंतर्गत आती है। इस अधिनियम के अनुसार, वंशज संपत्ति का दावा नहीं कर सकते हैं और ना ही अपने बेटे को इस सम्पत्ति का वारिस बना सकते हैं और अगर वह ऐसा करता है, तो उसे पहले हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर करना होगा।

5000 करोड़ की सम्पत्ति के मालिक हैं सैफ अली खान

सैफ के परदादा की भोपाल हरियाणा देश की दूसरी जगहों पर करीब 5000 करोड़ की सम्पत्ति है। सैफ के पिता के निधन के बाद, इस संपत्ति की देखरेख सैफ की मां शर्मिला टैगोर ने की थी। बाद में शर्मिला ने इस संपत्ति को बनाए रखने की जिम्मेदारी सैफ की बहन सबा को सौंप दी। हालांकि नवाब पटौदी की वसीयत के बारे में अभी तक कोई नहीं जानता। जिसके कारण कोई नहीं जानता कि उन्होंने अपने तीन बच्चों को कितना हिस्सा दिया है। नवाब पटौदी की संपत्ति को लेकर शुरू से ही काफी विवाद रहा है। भोपाल में उनकी जो भी संपत्ति है, वह अब शत्रु संपत्ति अधिनियम के अंतर्गत आ चुकी है।

लम्बे समय से विवादित है सैफ की प्रॉपर्टी

गृह मंत्रालय का शत्रु संपत्ति विभाग लंबे समय से इस संपत्ति की जांच कर रहा है। बता दें कि भोपाल के नवाब हमीदुल्ला का कोई बेटा नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपनी बड़ी बेटी आबिदा को इस संपत्ति का वारिस बनाया। जो बाद में पाकिस्तान में गई थी। जिसके बाद हमीदुल्ला की मंझली बेटी साजिदा इस प्रॉपर्टी की वारिस बन गई । साजिदा की शादी इफ्तिखार अली से हुई थी। साजिदा के बेटे का नाम मंसूर अली खान पटौदी था। मंसूर अली खान ने अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से शादी की थी। मंसूर और शर्मिला के बेटे का नाम सैफ अली खान है। जो साजिदा के पोते और हमीदुल्ला के पड़पोते हैं।

शत्रु संपत्ति विभाग के कब्जे में है पूरी प्रॉपर्टी

सैफ ने पहली बार अभिनेत्री अमृता सिंह से शादी की। सैफ को अमृता से एक बेटा इब्राहिम और एक बेटी सारा है। ये दोनों सैफ की संपत्ति के दावेदार थे। लेकिन अब सैफ की दूसरी पत्नी करीना के बेटे तैमूर इस संपत्ति के तीसरे और जहांगीर चौथे दावेदार बन गए हैं। लेकिन सैफ की इच्छा के बाद भी, तैमूर और जहांगीर उनकी संपत्ति का उत्तराधिकारी नहीं बन सकते हैं। सैफ की पूरी संपत्ति अब गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति विभाग के कब्जे में है।

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