10

महाराष्ट्र के ठाणे के रहने वाले 16 साल के अथर्व के साथ भी कुछ ऐसा ही घटित हुआ, जिसे वह कभी भीं नहीं भुला सकता। उसी दर्द और तकलीफ के बीच उसने 10वीं की परीक्षा थी लेकिन उसकी मेहनत रंग लाई और वह 81.2 प्रतिशत के साथ पास हुआ। जी हां लोक पुरम पब्लिक स्कूल में पढने वाले 16 साल के अथर्व जोशी का जिस दिन दसवीं का मैथ का पेपर था उसी दिन उनके सिर से पिता का साया उठा। इसी मातम भरे दिन उन्हें पेपर में अथर्व को अपना बेस्ट भी देना था। पिता की मौत के महज एक घंटा बाद ही वह 10वीं के सीबीएसई बोर्ड एग्जाम में बैठे थे।

अथर्व की मां सुनिला जोशी ने बताया कि वह दिन अब भी हमें झकझोर देता है, क्योंकि मेरे 52 साल के पति की मौत अचानक हुई थी उन्हें कुछ भी तो नही हुआ था, फिर भी वह हमें छोड़कर चले गये। उन्होंने पिछली रात उन्होंने हमारे साथ खाना खाया था और मैंने जो सब्जी पकाई, उसकी भी तारीफ की थी। वह स्वस्थ थे उन्होंने किसी भी तरह की बेचैनी की शिकायत नहीं की थी, लेकिन जब सुबह हम उन्हें जगाने गये तो वह नहीं उठे क्योंकि उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। मैंने चिल्लाकर अथर्व को बुलाया।

सबसे मुश्किल वक्त था 

अथर्व ने महसूस किया कि उसके पिता बेजान हो चुके हैं, जब उनकी जांच हुई तो दिल की धड़कन नहीं थी। अथर्व बुरी तरह रो रहा था। मां ने उसे शांत करते हुए मजबूत होने के लिए कहा क्योंकि उसे एक घंटे में दसवीं का पेपर देने जाना था। मां के हिम्मत देने के बाद वह शांत हुआ और पेपर देने गया। अर्थव ने कहा, पेपर का वह तीन घंटे मेरी जिंदगी का अब तक का सबसे मुश्किल वक्त था। मेरे सामने बार-बार पापा का चेहरा आ रहा था। किसी तरह मैंने पेपर पूरा किया क्योंकि उन्हें पिता के लिए आखिरी फर्ज भी निभाना था। अब मैथ्स में 88 नंबर देखकर अर्थव को यकीन नहीं हुआ. उनकी कुल परसेंटेज 81.2% ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here