आज आपको  कुछ वास्तु टिप्स के बारे में बताएंगे । ऐसे तो पूजा घर एक मंदिर होता है और वह काफी शुद्ध होते हैं और हमें सुख शांति मिलती है.  वहाँ पूजा के कमरे का निर्माण करने के लिए सबसे अच्छा क्षेत्र है लेकिन अगर यह वास्तु के अनुसार स्थित किया तो इस कमरे से भक्तों ने ग्रहण की हुई ऊर्जा अतिरिक्त बढ़ जाती है । पूजा कक्ष के लिए वास्तु टिप्स का पालन करने से आवास के पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा में वृध्दि कर सकते हैं ।

वास्तु टिप्स

  • क्या पूजा का कमरा मुख्य द्वार के सामने स्थित कर सकते हैं ? वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार के सामने पूजा का कमरा नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे पूजा के कमरे में निर्मित सकारात्मकता कम हो जाती है ।
  • पूजा के कमरे में अंधेरे नहीं होना चाहिए । आपके घर में पूजा का कमरा भगवान का घर होता है और यह कभी भी अंधेरा नहीं होना चाहिए । पूजा के कमरे में अंधेरा होने से पूरे घर की तंदुरूस्ती पर प्रभाव पड़ता है इसलिए इस कमरे में कम-से-कम तेल का दीया लगाना शुभ होता है ।
  • पूजा के कमरे को सोने के कमरे में स्थित न करें क्योंकि सोने का कमरा आराम तथा दिल-बहलाव का कमरा होता है । पूजा के कमरे के उपर, नीचे या विरूध्द शौचालय स्थित नहीं होना चाहिए । इससे शौचालय की नकारात्मक ऊर्जा पूजा के कमरे के मंगलमय वातावरण को बिगाड़ देता है ।

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