अब इसी बीच खबर है कि भारतीय वैज्ञानिकों को इस क्रम में बड़ी सफलता हाथ लगी है। जी हां.. ऐसा इसलिए चूंकि अब (सीएसआईआर) वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने कोरोना वायरस का तोड़ निकाल लिया है। भारतीय वैज्ञानिकों ने कोरोना की दवा का इजाद कर दिया है और अब इसका मानव प्रयोग भी शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि पहले यह उन मरीजों पर इस्तेमाल की जाएगी, जो अभी उपचार के दौरान वेंटिलेटर तक पहुंच चुके हैं। उन लोगों को प्लाज्मा थैरेपी न देकर  पहले वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई इस दवा का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद आगे की राह तलाशी जाएगी।

वहीं, 500 ऐसे मरीजों पर इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाएगा, जो कोरोना पॉजिटिव संपर्क में आकर संक्रमित हो गए हैं। बताया जा रहा  है कि इस दवा का इस्तेमाल कोरोना मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए भी किया जाएगा, ताकि ठीक होने के बाद उनमें संक्रमण का खतरा शुन्य के बराबर हो।

गौरतलब है कि अभी भारत सहित शेष विश्व में कोरोना का कहर बरप रहा है। पूरी दुनियाभर में संक्रमितों का आंकड़ा लाखों के पार पहुंच चुका है। लिहाजा इस कहर पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब ऐसे में भारतीय वैज्ञानिकों के हाथ लगी यह सफलता कितनी कारगर साबित होती है, ये तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा।

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