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जहां एक तरफ भारत कोरोना महामारी से जूझ रहा है, वहीं एक नई बीमारी बर्ड फ्लू भारत के 7  राज्यों में अपना पाँव पसार चुकीं है. फिलाहल इस फ्लू की चपेट में कुछ पक्षियों की प्रजाति ही आयीं हैं, जिनमें मुर्गा, बत्तख और कौए शामिल हैं. जो उत्तर प्रदेश, हरियाणा, केरल, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड शामिल है. जिसके बचाव के लिए स्थानीय सरकारें मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाती नजर आ रही है.

आज हम बात करेंगे बर्ड फ्लू के लक्ष्ण और बचाव के बारे में, जानने के लिए बने रहिये हमारे इस खास लेख के साथ

क्या है बर्ड फ्लू

आपको बता दें बर्ड फ्लू एक वायरल इन्फेक्शन है, जो एक पक्षी से दुसरे पक्षी में फैल जाता है. इस फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार बर्ड फ्लू का सबसे खतरनाक रूप H5N1 है, जो बेहद संक्रामक है. ये वायरस इतना खतरनाक है कि बड़ी आसानी से पक्षियों से अन्य जानवरों में फैल सकता है. जो जानलेवा हो सकता है. अगर समय पर इलाज नहीं मिला तो इसका खतरा 10 गुना बढ़ सकता है, जिससे बड़ी आसानी से किसी भी जानवर या इंसान की मौत हो सकती है.

वहीं वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की माने तो सबसे पहले एवियन एंफ्लुएंजा के मामले साल 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में पाया गया था. उस समय इस बर्ड फ्लू का जिम्मेदार पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों को बताया गया था.

आपको जानकर हैरानी होगी उस समय इस फ्लू की चपेट में आ जाने से 60 फीसदी से ( संक्रमित ) लोगो की  मौत हो गयी थी. बर्ड फ्लू संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह की लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होती है.

क्या है बर्ड फ्लू के लक्षण

  1. ठीक तरह से सांस ना ले पाना,
  2. खांसी आना,
  3. कफ का बनना और जमा होना,
  4. सिर दर्द लगातार बने रहना,
  5.  बुखार आना और शरीर अकड़ना,
  6. शरीर में दर्द होना,
  7. जल्दी थकान का अनुभव होना और
  8.  पेट में दर्द होना

इस तरह हो सकता है बर्ड फ्लू से बचाव

  1. मांस का सेवन ना करें, अगर खरीद रहे हैं, तो खुले बाजार से ना खरीदें.
  2. पक्षियों के संपर्क में आने से बचें.
  3.  हाथों को बार बार सेनेटाइज करें.
  4.  मास्क का इस्तेमाल करें और
  5.  हल्के से भी लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.

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