कई दुकानों में दवाओं की कमी है तो कई दुकानों में लोगों की. ऐसे में कई तरह के सवाल प्रशासन पर खड़े हो रहे हैं. जिन्होंने बिना पूरी जानकारी लिए दुकानदारों के नंबर लोगों तक पहुंचा दिए और लोगों ने भी जब घर बैठे सुविधा का लाभ उठाना चाहा. तो सामने आई असली हकीकत.

व्यापारी भी नाराज
एक तरफ जहां लोगों को समय पर दवाईंया नहीं मिल पा रही हैं तो दूसरी तरफ दवा के व्यापारी भी नाराज हैं. क्योंकि, दो बड़े दुकानदारों के लाइसेंस पर कार्रवाई हो चुकी है. ऐसे में कई व्यापारी परेशान हैं और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय की कमी बता रहे हैं.

व्यापारियों ने निकाला अपना रास्ता
स्वास्थ्य विभाग ने जब बिन तैयारी के लोगों को होम डिलीवरी की सुविधा के लिए नंबर जारी किए तो दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि, व्यापारियों ने व्यवस्था से नाखुश होकर अब अपनी परेशानी का खुद ही रास्ता निकाल लिया है. अब दुकानदार मरीजों को सीधा यही जवाब देने के लिए मजबूर हो चुके हैं कि, अमुक दवा स्टोर पर उपलब्ध नहीं है. इसलिए होम डिलीवरी नहीं हो पाएगी.

इस बीच एक दूसरा पहलू यह भी सामने आ रहा है कि, जब पुलिस प्रशासन के सहयोग से लखनऊ से मुंडरेवा के सुदूर गांवों में दवाईयां पहुंचाई जा सकती है. तो सिर्फ बस्ती के लोगों के साथ इस तरह का खिलवाड़ क्यों? क्योंकि, दवाईयां नहीं मिलने से बस्ती की जनता खासा परेशान है और लोग कहीं दूसरे क्षेत्र से भी दवाईयां नहीं ला सकते. ऐसे में आखिर बस्ती की जनता का जिम्मा कौन उठाएगा और कौन समय पर मरीजों को दवाईंया उपलब्ध कराएगा. ये सवाल वहां की हर जनता के मन में है. अगर आने वाले कुछ दिनों में प्रशासन इस पर एक्शन नहीं लेता तो मरीजों को बहुत सी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here